हिमाचल प्रदेश

Shimla: शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर Vikramaditya Singh ने Manohar Lal Khattar से की चर्चा

Admindelhi1
13 March 2026 12:22 PM IST
Shimla: शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर Vikramaditya Singh ने Manohar Lal Khattar से की चर्चा
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"विकास योजनाओं के लिए केंद्रीय मदद की मांग"

शिमला: हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरूवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की मांग की है। बैठक में हिमाचल के पहाड़ी भूगोल और उससे जुड़ी चुनौतियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से बिल्कुल अलग हैं। यहां ऊंचे पहाड़, नाजुक पर्यावरण और दूर-दूर बसी आबादी के कारण सड़कों, पेयजल, सीवरेज और अन्य शहरी सुविधाओं का निर्माण और रखरखाव काफी महंगा और कठिन हो जाता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं में धनराशि का निर्धारण अक्सर जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर किया जाता है, लेकिन पहाड़ी राज्यों की वास्तविक लागत और भौगोलिक चुनौतियां इन मानकों में पूरी तरह नहीं झलकतीं। इसी वजह से उन्होंने हिमाचल को विशेष श्रेणी के पहाड़ी राज्य के रूप में देखते हुए वित्तीय मानकों में लचीलापन देने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की शहरी योजनाओं के तहत हिमाचल के लिए आवंटन बढ़ाने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) के तहत राज्य के अधिक शहरों और कस्बों को शामिल किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को बेहतर पेयजल, सीवरेज नेटवर्क, वर्षा जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना था कि राज्य के हर शहर में घर-घर नल कनेक्शन, आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करना सरकार का लक्ष्य है, साथ ही नदियों और पहाड़ी पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।


डिजिटल सेवाओं के विस्तार का मुद्दा भी बैठक में उठा। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत उद्योग प्लेटफार्म को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत “वन स्टेट, वन पोर्टल” की व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे भवन अनुमति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसी नगर सेवाएं एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि छोटे और दूरस्थ पहाड़ी कस्बों तक इस प्रणाली को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त तकनीकी और वित्तीय सहायता की जरूरत है।

लोक निर्माण विभाग से जुड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में शहरी विकास और सड़क संपर्क एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। राज्य के शहर आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन के केंद्र हैं, इसलिए इन तक सुरक्षित और मजबूत सड़क तथा पुल अवसंरचना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण पीडब्ल्यूडी परियोजनाओं के लिए भी केंद्र से विशेष सहयोग का आग्रह किया, जिससे शहरों तक पहुंच बेहतर हो सके, यातायात का दबाव कम हो और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

बैठक में उन्होंने जठिया देवी परियोजना और हिम-चंडीगढ़ कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाओं के लिए भी केंद्र से विशेष सहायता देने का अनुरोध किया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि पहाड़ी राज्यों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सरकार की नीतियों के भीतर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।

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