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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बारिश का लंबा दौर खत्म होने के बाद पर्यटन कारोबार ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। लंबे वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। इसका सीधा असर होटल कारोबार पर दिखाई दे रहा है। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के मुताबिक, शिमला के होटलों में फिलहाल 70 से 80 प्रतिशत तक बुकिंग दर्ज की जा रही है। मौसम साफ और सुहावना होने से आने वाले त्योहारों और सर्दियों के पर्यटन सीजन को लेकर भी कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।बारिश के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। लगातार खराब मौसम के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दी थीं। अब बारिश का मौसम खत्म होने और मौसम में सुधार के बाद एक बार फिर पड़ोसी राज्यों के साथ देश के दूसरे हिस्सों से पर्यटक शिमला पहुंचने लगे हैं।
होटलों में 70 से 80 प्रतिशत बुकिंग
शिमला के स्थानीय ट्रैवल एजेंट नरेन शाही ने शनिवार को बताया कि लंबे वीकेंड के कारण शहर के होटलों में बुकिंग 70 से 80 प्रतिशत के बीच पहुंच गई है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल व्यवसायियों के साथ टैक्सी संचालकों, ट्रैवल एजेंटों और रेस्तरां कारोबारियों को भी फायदा मिल रहा है।पर्यटन कारोबारियों के लिए यह स्थिति राहत देने वाली है, क्योंकि बारिश के लंबे दौर में पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई थी। अब मौसम खुलने के बाद लोगों ने फिर से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनानी शुरू कर दी है।शिमला में सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान आम दिनों के मुकाबले पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है। लंबा वीकेंड मिलने पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के दूसरे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।
सुहावने मौसम ने बढ़ाया आकर्षण
बारिश के बाद शिमला का मौसम पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पहाड़ों की हरियाली, साफ मौसम और ठंडक के बीच लोग परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने पहुंच रहे हैं।मैदानी इलाकों के मुकाबले शिमला में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहने के कारण भी पर्यटक यहां आना पसंद करते हैं। सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंड के बीच पर्यटक रिज मैदान और माल रोड समेत शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर घूमते नजर आ रहे हैं।मौसम साफ होने से आउटडोर गतिविधियों में भी तेजी आई है। पर्यटक आसपास के इलाकों की यात्रा कर रहे हैं और स्थानीय पर्यटन स्थलों पर भी चहल-पहल बढ़ गई है।
माल रोड और रिज पर बढ़ी रौनक
पर्यटकों की संख्या बढ़ने का असर शिमला के प्रमुख बाजारों और पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिल रहा है। माल रोड और रिज मैदान पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। स्थानीय दुकानों, कैफे और रेस्तरां में भी ग्राहकों की संख्या बढ़ने से कारोबारियों के चेहरे खिले हैं।शिमला आने वाले पर्यटक शहर के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के साथ आसपास के पर्यटन क्षेत्रों का भी रुख करते हैं। ऐसे में पर्यटकों की बढ़ती संख्या का फायदा केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्थानीय बाजार और परिवहन क्षेत्र तक पहुंचता है।होटल और रेस्तरां के अलावा टैक्सी चालक, स्थानीय दुकानदार, गाइड और छोटे कारोबारी भी पर्यटन पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। इसलिए पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बारिश के बाद लौटी पर्यटन की रफ्तार
मानसून के दौरान पहाड़ी राज्यों में यात्रा को लेकर पर्यटक आमतौर पर अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं। भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां पर्यटन गतिविधियों पर असर डाल सकती हैं।इस बार भी लंबे समय तक चली बारिश के कारण पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ। कई पर्यटकों ने अपनी होटल बुकिंग और यात्राएं आगे के लिए टाल दी थीं। पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को उम्मीद थी कि बारिश का दौर समाप्त होने के बाद पर्यटक फिर लौटेंगे।अब लंबे वीकेंड के दौरान होटलों की 70 से 80 प्रतिशत तक पहुंची बुकिंग ने पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदों को मजबूत किया है।
त्योहारों से और बढ़ सकती है पर्यटकों की संख्या
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों की नजर अब आने वाले त्योहारों पर है। अक्टूबर और उसके बाद त्योहारी छुट्टियों के दौरान शिमला में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।कई परिवार त्योहारों के आसपास मिलने वाली छुट्टियों में पहाड़ों की यात्रा की योजना बनाते हैं। होटल कारोबारी भी इसी को देखते हुए आगामी दिनों की बुकिंग पर नजर बनाए हुए हैं।अगर मौसम अनुकूल बना रहता है और सड़क संपर्क सामान्य रहता है तो त्योहारी सीजन में पर्यटन कारोबार को और गति मिल सकती है। इसके बाद हिमाचल में सर्दियों का प्रमुख पर्यटन सीजन शुरू हो जाएगा।
सर्दियों के सीजन से बड़ी उम्मीद
शिमला का सर्दियों का मौसम देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। विशेष रूप से दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी देखने की चाहत में बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला और आसपास के इलाकों में पहुंचते हैं।पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि बारिश के दौरान हुए नुकसान की कुछ भरपाई आगामी त्योहारी और सर्दियों के सीजन में हो सकती है। अभी से पर्यटकों की संख्या में दिखाई दे रही बढ़ोतरी को कारोबारी आने वाले पर्यटन सीजन के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।शिमला के अलावा कुफरी, नारकंडा, मशोबरा और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में भी सर्दियों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है। इससे होटल, होमस्टे, टैक्सी और स्थानीय व्यवसायों को अतिरिक्त कारोबार मिलता है।
पर्यटन पर निर्भर है बड़ा स्थानीय कारोबार
हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। शिमला जैसे प्रमुख पर्यटन शहरों में हजारों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी है।होटल उद्योग के अलावा ट्रांसपोर्ट, खानपान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और छोटे व्यापारियों के लिए भी पर्यटकों की संख्या महत्वपूर्ण होती है। जब पर्यटन गतिविधियां बढ़ती हैं तो इसका आर्थिक प्रभाव कई क्षेत्रों में दिखाई देता है।फिलहाल लंबे वीकेंड ने शिमला के पर्यटन उद्योग में नई हलचल पैदा कर दी है। होटलों में 70 से 80 प्रतिशत तक बुकिंग और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ ने कारोबारियों को राहत दी है। बारिश के बाद साफ और सुहावने मौसम के बीच पर्यटकों की वापसी से शिमला एक बार फिर गुलजार नजर आ रहा है। अब पर्यटन कारोबारियों की नजर त्योहारी छुट्टियों और सर्दियों के सीजन पर है, जिससे उन्हें कारोबार में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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