हिमाचल प्रदेश

बिना लाइसेंस क्लीनिक चला रहा था झोलाछाप डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में दवाएं जब्त

nidhi
6 Aug 2026 6:38 AM IST
बिना लाइसेंस क्लीनिक चला रहा था झोलाछाप डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में दवाएं जब्त
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हिमाचल में अवैध क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई

मंडी : हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना लाइसेंस क्लीनिक चला रहे कथित झोलाछाप डॉक्टर को पकड़ लिया। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि विभाग के एक अधिकारी ने पहले मरीज बनकर क्लीनिक का निरीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टर के पास आवश्यक चिकित्सकीय पंजीकरण, लाइसेंस और दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर छापा मारकर क्लीनिक से दवाएं और अन्य चिकित्सा सामग्री जब्त कर ली।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से बिना अनुमति चिकित्सा सेवाएं दिए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि संबंधित व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा है और बिना उचित योग्यता के दवाएं लिख रहा है। शिकायतों की पुष्टि के लिए विभाग ने गोपनीय तरीके से जांच कराने का निर्णय लिया।
मरीज बनकर पहुंचे अधिकारी
योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी सामान्य मरीज बनकर क्लीनिक पहुंचा। उसने उपचार के लिए परामर्श लिया और वहां उपलब्ध सुविधाओं तथा इलाज की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि क्लीनिक संचालक के पास वैध चिकित्सकीय पंजीकरण नहीं था और वह नियमों का उल्लंघन करते हुए मरीजों का इलाज कर रहा था।
प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद अधिकारी ने विभागीय टीम को सूचना दी। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से क्लीनिक पर छापा मारा।
छापेमारी में मिलीं कई अनियमितताएं
छापेमारी के दौरान टीम को कई ऐसी दवाएं मिलीं, जिनके भंडारण और उपयोग के लिए आवश्यक अनुमति नहीं थी। अधिकारियों ने मौके से दवाएं, मेडिकल उपकरण और उपचार से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक वैध लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।
अधिकारियों ने क्लीनिक में रखे गए रिकॉर्ड की भी जांच की। मरीजों के उपचार से संबंधित अभिलेखों और दवाओं की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बिना लाइसेंस इलाज करना गंभीर अपराध
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मान्यता प्राप्त योग्यता या पंजीकरण के चिकित्सा सेवा देना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ भी है। गलत इलाज, गलत दवा या समय पर सही उपचार न मिलने से मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर ऐसे अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाता है ताकि लोगों को सुरक्षित और प्रमाणित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
विभाग ने लोगों से की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि इलाज के लिए हमेशा पंजीकृत डॉक्टर और अधिकृत अस्पताल या क्लीनिक का ही चयन करें। किसी भी चिकित्सक से उपचार लेने से पहले उसके पंजीकरण और योग्यता की जानकारी अवश्य जांच लें।
यदि किसी क्षेत्र में बिना लाइसेंस क्लीनिक या झोलाछाप डॉक्टर के संचालन की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
आगे होगी कानूनी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि जब्त दवाओं और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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