हिमाचल प्रदेश

शिमला में एंटी-हेल गन पर एक साल की रोक, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

nidhi
6 Oct 2026 8:58 AM IST
शिमला में एंटी-हेल गन पर एक साल की रोक, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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हाईकोर्ट ने संचालन पर लगाई रोक

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में लगी एंटी-हेल गन के इस्तेमाल पर कम से कम एक साल के लिए रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि देवरीघाट और बड़ौनघाट क्षेत्र में लगी दो एंटी-हेल गन का संचालन तत्काल बंद किया जाए। साथ ही निजी लोगों द्वारा ऐसी गनों के इस्तेमाल पर भी रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति बिपिन सी नेगी की खंडपीठ ने यह आदेश जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। मामला इस आशंका से जुड़ा है कि एंटी-हेल गन के इस्तेमाल से आसपास के इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के पैटर्न पर असर पड़ सकता है। अदालत के सामने रखे गए रिकॉर्ड में यह चिंता जताई गई कि गन चलाने के बाद बादल पड़ोसी क्षेत्रों की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे वहां भारी बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि इस तकनीक के प्रभाव को समझने के लिए डॉ. वाईएस परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। अदालत के अनुसार इस अध्ययन को निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचने में अभी कई साल लग सकते हैं। इसी बीच अदालत ने एहतियात के तौर पर एंटी-हेल गन का इस्तेमाल बंद रखने को कहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी बताने को कहा है कि एंटी-हेल गन का संचालन बंद करने के बाद आसपास के बागानों और क्षेत्रों पर क्या असर पड़ा। अदालत ने नौणी यूनिवर्सिटी को भी पक्षकार बनाते हुए रजिस्ट्रार के माध्यम से नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका में मेक्सिको, रोमानिया समेत कुछ अन्य देशों में एंटी-हेल गन के संभावित प्रभावों का भी उल्लेख किया गया था। अदालत ने हिमाचल सरकार से इन अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और वैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन कर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 8 दिसंबर 2026 को होगी।
एंटी-हेल गन का इस्तेमाल मुख्य रूप से सेब और अन्य फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए किया जाता है। लेकिन अब अदालत ने इसके संभावित पर्यावरणीय और मौसम संबंधी प्रभावों की वैज्ञानिक जांच पूरी होने तक सावधानी बरतने पर जोर दिया है।
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