हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में मानसून का कहर जारी, 31 जुलाई तक राहत नहीं

Saba Naaz
23 July 2026 5:48 PM IST
हिमाचल में मानसून का कहर जारी, 31 जुलाई तक राहत नहीं
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का सक्रिय दौर जारी है और फिलहाल लोगों को भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में 31 जुलाई तक मानसून के अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में भारी वर्षा, आंधी और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है और कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था बाधित हुई है।

मौसम विभाग ने शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में कुछ घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है, जिससे अचानक जलभराव, सड़क टूटने और पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण करीब 100 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमें बंद सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। कई जगहों पर पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

श्रीनयनादेवी में सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर जिले के श्रीनयनादेवी जी क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। यहां 56.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मनाली में 35 मिलीमीटर, रामपुर में 30.3 मिलीमीटर, सराहन में 28.7 मिलीमीटर, नाहन में 28 मिलीमीटर और रोहड़ू में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के कारण प्रदेश की नदियों, नालों और खड्डों में जलस्तर बढ़ रहा है। कई बांधों से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पर्यटकों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन ने कहा है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही बाहर निकलें।

पर्यटकों को खासतौर पर पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान छोटे नालों में अचानक पानी बढ़ने और सड़क पर मलबा आने का खतरा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

शिमला समेत कई इलाकों में भूस्खलन

राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खिसकने के कारण कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर हो रही है, जिससे पहाड़ों से मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया है।

हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का काम किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

तापमान में बड़ा बदलाव नहीं

लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। न्यूनतम तापमान में एक डिग्री से भी कम का अंतर देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें। मानसून के इस सक्रिय दौर में पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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