हिमाचल प्रदेश

बाढ़ प्रबंधन, Kullu में नदी की सफाई का आधुनिक तरीका लागू

Ratna Netam
19 April 2026 5:36 PM IST
बाढ़ प्रबंधन, Kullu में नदी की सफाई का आधुनिक तरीका लागू
x
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: कुल्लू प्रशासन ने बाढ़ के संभावित खतरों को कम करने के उद्देश्य से जिले की प्रमुख नदियों की सफाई का काम साइंटिफिक तरीके से शुरू किया है। यह पहल विशेष रूप से मानसून के दौरान पानी के स्तर को नियंत्रित करने और नदी के बहाव में बाधा डालने वाले मलबे को हटाने के लिए की जा रही है।
जिले के उपायुक्त ने कहा कि नदी की सफाई पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया है। इसमें नदी के विभिन्न हिस्सों का मानचित्रण, बहाव की दिशा और गति की गणना, और मलबे के स्थान का विश्लेषण शामिल है। इसके आधार पर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सफाई का काम शुरू किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि नदी में जमा मलबा, कचरा और प्राकृतिक अवरोध बाढ़ की स्थिति में पानी के बहाव को रोक सकते हैं। इसलिए वैज्ञानिक तरीकों से सफाई करने से केवल बाढ़ का खतरा कम होगा बल्कि नदी की पारिस्थितिक स्थिति भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नदी किनारे के पौधों और जीव-जंतुओं का संरक्षण भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सफाई अभियान में स्थानीय प्रशासन, जल विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञ मिलकर काम कर रहे हैं। इस काम में आधुनिक मशीनरी और तकनीक का उपयोग किया जा रहा है ताकि मलबे को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से हटाया जा सके। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नदी का प्राकृतिक प्रवाह और जलस्तर प्रभावित न हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि नदी की साइंटिफिक सफाई न केवल बाढ़ को नियंत्रित करने में मदद करेगी, बल्कि यह जल जीवन और स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए भी लाभकारी होगी। कुल्लू जैसी पहाड़ी क्षेत्रों में नदी की सफाई की यह पहल मॉडल के रूप में अन्य जिलों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।
स्थानीय निवासी और व्यवसायी भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि मानसून के दौरान हर साल बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान को देखते हुए, प्रशासन की यह योजना समय पर और प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि यह अभियान गांव और शहरों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि नदी सफाई का यह काम निरंतर जारी रहेगा और समय-समय पर इसका निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी किनारे कचरा न डालें और सफाई अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।
इस प्रकार, कुल्लू में साइंटिफिक तरीके से नदी की सफाई का अभियान बाढ़ के खतरे को कम करने और स्थानीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
Next Story