हिमाचल प्रदेश

एएस केमिकल मामले में बड़ा खुलासा गोदाम से 26.40 लाख टैबलेट बरामद

nidhi
10 Sept 2026 6:45 AM IST
एएस केमिकल मामले में बड़ा खुलासा गोदाम से 26.40 लाख टैबलेट बरामद
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दूसरे गोदाम से लाखों टैबलेट जब्त

बद्दी: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख फार्मा हब बद्दी में नशीली और संदिग्ध दवाओं के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एएस केमिकल से जुड़े एक और गोदाम पर बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। जांच टीम ने कंपनी के दूसरे गोदाम में दबिश देकर बड़ी मात्रा में फेरैोक्योर टैबलेट जब्त की हैं। बरामद टैबलेट की संख्या लाखों में बताई जा रही है। हालांकि इस विशेष कार्रवाई की पूरी आधिकारिक जानकारी स्वतंत्र वेब स्रोतों में अभी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं मिली है।

बद्दी देश के प्रमुख दवा निर्माण केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां संचालित होती हैं। ऐसे में दवाओं के उत्पादन से लेकर भंडारण और सप्लाई तक नियमों का पालन सुनिश्चित करना नियामक एजेंसियों के लिए बेहद अहम है। बताया जा रहा है कि एएस केमिकल से जुड़े ठिकानों की जांच के दौरान अधिकारियों को दूसरे गोदाम के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम वहां पहुंची और स्टॉक की जांच शुरू की। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में टैबलेट मिलने के बाद संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।
जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि जब्त की गई दवाओं का उत्पादन और भंडारण किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया था तथा इनकी सप्लाई कहां की जानी थी। बैच नंबर उत्पादन रिकॉर्ड खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और स्टॉक रजिस्टर जैसे रिकॉर्ड की जांच से पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
सप्लाई चेन की भी होगी पड़ताल
मामले में अब दवाओं की सप्लाई चेन पर भी नजर है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर सकते हैं कि इन टैबलेट का निर्माण किस इकाई में हुआ था और इन्हें किन कंपनियों या वितरकों को भेजा जाना था। यदि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर मिलता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फार्मा उद्योग में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्माण इकाइयों को निर्धारित मानकों का पालन करना होता है। बद्दी की फार्मा कंपनियां भी उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए GMP जैसे मानकों का उल्लेख करती हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके के दवा कारोबारियों और फार्मा इकाइयों में हलचल बढ़ गई है। संबंधित विभाग द्वारा जब्त स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों और इसके स्रोत की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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