हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में पेंशनरों को बड़ी राहत, अधिकतम पेंशन सीमा बढ़कर 1.20 लाख हुई

Kavita2
22 Aug 2026 11:39 AM IST
हिमाचल में पेंशनरों को बड़ी राहत, अधिकतम पेंशन सीमा बढ़कर 1.20 लाख हुई
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पेंशन और फैमिली पेंशन एरियर के भुगतान से जुड़े प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। वित्त (पेंशन) विभाग ने 18 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में किए गए प्रावधानों को संशोधित करते हुए अधिकतम पेंशन और अधिकतम पारिवारिक पेंशन की सीमा बढ़ा दी है। संशोधित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

सरकार के इस फैसले से उन पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो संबंधित अवधि में सेवानिवृत्त हुए थे और संशोधित पेंशन लाभों के एरियर के भुगतान की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। संशोधन के बाद पात्र पेंशनरों के लिए अधिकतम पेंशन की सीमा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

अधिकतम पेंशन सीमा हुई दोगुनी

संशोधित प्रावधान के अनुसार जिन मामलों में पेंशन की अधिकतम सीमा पहले 60,000 रुपये निर्धारित की गई थी, उसे बढ़ाकर 1,20,050 रुपये कर दिया गया है। यानी अधिकतम पेंशन की सीमा में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी की गई है।

यह संशोधन उन मामलों में महत्वपूर्ण होगा, जहां पेंशन निर्धारण या एरियर के भुगतान के दौरान अधिकतम सीमा लागू होने के कारण पेंशन राशि सीमित हो रही थी। नई सीमा लागू होने से पात्र कर्मचारियों को संशोधित व्यवस्था के अनुरूप अधिक पेंशन लाभ मिल सकेगा।

सरकार के इस फैसले को लंबे समय से पेंशन संबंधी लाभों की प्रतीक्षा कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फैमिली पेंशन की सीमा भी बढ़ी

सरकार ने केवल पेंशन की अधिकतम सीमा में ही बदलाव नहीं किया है, बल्कि अधिकतम पारिवारिक पेंशन की सीमा भी बढ़ा दी है। पहले यह सीमा 40,000 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 67,230 रुपये कर दिया गया है।

इससे पात्र पारिवारिक पेंशनरों को भी संशोधित प्रावधानों का लाभ मिलेगा। परिवार के ऐसे सदस्य जो संबंधित नियमों के तहत फैमिली पेंशन पाने के हकदार हैं, उनके लिए अधिकतम सीमा बढ़ने से पेंशन भुगतान पर इसका असर पड़ेगा।

पेंशन और फैमिली पेंशन की सीमा में किए गए इस बदलाव से सरकार ने दोनों श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए संशोधित व्यवस्था को अधिक अनुकूल बनाया है।

2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़ा मामला

यह संशोधन विशेष रूप से उन कर्मचारियों से संबंधित है, जो 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। इन कर्मचारियों के पेंशन और पारिवारिक पेंशन के एरियर के भुगतान को लेकर सरकार की ओर से पहले आदेश जारी किया गया था।

अब वित्त (पेंशन) विभाग ने 18 अगस्त को जारी कार्यालय ज्ञापन में किए गए प्रावधानों में सुधार किया है। इसका उद्देश्य अधिकतम पेंशन और फैमिली पेंशन की सीमा को संशोधित करना है, ताकि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिल सके।

कार्यालय ज्ञापन के पैरा-2 को हटाया

वित्त विभाग ने संशोधन के साथ 18 अगस्त के कार्यालय ज्ञापन के पैरा-2 को भी हटा दिया है। विभाग की ओर से जारी संशोधित प्रावधान में इसे स्पष्ट किया गया है।

पैरा-2 को हटाए जाने के बाद संबंधित मामलों में संशोधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे पेंशन विभाग और संबंधित कार्यालयों के लिए एरियर भुगतान की प्रक्रिया में नया आधार उपलब्ध होगा।

सरकारी कार्यालयों में अब संशोधित सीमा के अनुसार संबंधित मामलों को देखा जाएगा। इससे पात्र पेंशनरों को मिलने वाले लाभ की गणना में भी बदलाव आएगा।

तत्काल प्रभाव से लागू

वित्त (पेंशन) विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इसका मतलब है कि संबंधित मामलों में अब नई अधिकतम सीमा के आधार पर पेंशन और फैमिली पेंशन से जुड़े लाभों की गणना की जाएगी।

पेंशनरों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एरियर भुगतान में अधिकतम सीमा का सीधा असर कुल भुगतान राशि पर पड़ सकता है। नई सीमा लागू होने के बाद पात्र लाभार्थियों को उनके निर्धारित अधिकारों के अनुरूप अधिक राशि मिलने की संभावना है।

पेंशनरों में राहत की उम्मीद

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन आय का महत्वपूर्ण स्रोत होती है। ऐसे में पेंशन की अधिकतम सीमा में वृद्धि से उन लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है, जिनकी पेंशन पहले निर्धारित सीमा के कारण सीमित हो रही थी।

इसी तरह फैमिली पेंशन की सीमा बढ़ने से पेंशनर की मृत्यु के बाद पात्र परिवार के सदस्यों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से लंबे समय से एरियर भुगतान की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे परिवारों के लिए यह संशोधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे एरियर भुगतान की प्रक्रिया पर नजर

अब संबंधित विभागों के सामने संशोधित प्रावधानों के अनुसार पात्र मामलों की समीक्षा और एरियर की गणना करने की प्रक्रिया होगी। विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड की जांच के बाद पात्र पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को संशोधित नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

हालांकि, वास्तविक भुगतान की राशि प्रत्येक मामले में कर्मचारी की सेवा अवधि, पेंशन निर्धारण और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। अधिकतम सीमा बढ़ने का लाभ उन्हीं मामलों में मिलेगा जहां संशोधित नियमों के तहत पात्रता बनती है।

सरकार के फैसले से बढ़ी उम्मीद

हिमाचल प्रदेश सरकार का यह संशोधन पेंशन और फैमिली पेंशन के एरियर भुगतान से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव है। अधिकतम पेंशन को 60,000 रुपये से बढ़ाकर 1,20,050 रुपये और अधिकतम पारिवारिक पेंशन को 40,000 रुपये से बढ़ाकर 67,230 रुपये किए जाने से पात्र लाभार्थियों को राहत मिल सकती है।

साथ ही 18 अगस्त के कार्यालय ज्ञापन के पैरा-2 को हटाने और संशोधित प्रावधानों को तत्काल लागू करने से अब संबंधित विभागों को नई व्यवस्था के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी।

फिलहाल पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की नजर इस बात पर रहेगी कि संशोधित प्रावधानों के तहत एरियर भुगतान की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है। सरकार के इस संशोधन से 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और उनके पात्र परिजनों को लंबे समय से लंबित पेंशन लाभ मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

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