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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने रोजगार और शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 7000 से ज्यादा सरकारी पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। करीब छह घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई फैसलों को हरी झंडी दी गई।
कैबिनेट बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम 5 बजे के बाद तक चली। बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने सरकार के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बैठक में सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके अलावा आयुर्वेद विभाग में भी बड़ी संख्या में पदों को भरने का फैसला लिया गया है।
सरकार ने आयुर्वेदिक अस्पतालों में 800 असिस्टेंट नर्स के पद भरने को मंजूरी दी है। इसके अलावा जिला हमीरपुर के धनेटा में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को आधुनिक उपचार सेवाएं मिल सकेंगी।
कैबिनेट ने आशा वर्कर्स के मानदेय में भी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि की गई है। अब उन्हें 5800 रुपये की जगह 6800 रुपये प्रति माह मिलेंगे। बढ़ा हुआ मानदेय पहली अप्रैल से लागू किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश की हजारों आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
बैठक में बागवानी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में सेब उत्पादन किसानों के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत है। इसी को ध्यान में रखते हुए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सेब खरीद को लेकर भी निर्णय लिया गया है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिल सके और बाजार में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कैबिनेट के फैसलों से साफ है कि हिमाचल सरकार का फोकस रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े क्षेत्रों पर है। 7000 से ज्यादा पदों को भरने की मंजूरी मिलने से लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं में उम्मीद बढ़ी है। वहीं, शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र में नियुक्तियों से सरकारी सेवाओं को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
सरकार जल्द ही इन पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है। माना जा रहा है कि विभागों की ओर से रिक्त पदों का विवरण तैयार कर भर्ती एजेंसियों को भेजा जाएगा। इससे प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी भी दूर होगी।





