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सिरमौर के स्कूल में बड़ा हादसा, छत का प्लास्टर गिरने से चौथी की छात्रा घायल

नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के प्राथमिक स्कूल लगनू में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। स्कूल की कक्षा में छत का भारी प्लास्टर अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा काव्या घायल हो गई। छात्रा के सिर पर गंभीर चोट आई है।
हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल छात्रा को तुरंत उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) संगड़ाह ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे डॉ. वाईएस परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं चल रही थीं। छात्र-छात्राएं अपने-अपने कमरों में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान कक्षा की छत से बजरी और सीमेंट से बना भारी प्लास्टर का हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत का यह हिस्सा सीधे छात्रा काव्या के सिर पर गिरा। अचानक हुए इस हादसे से कक्षा में मौजूद अन्य बच्चे भी घबरा गए। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ ने तुरंत स्थिति को संभाला और घायल छात्रा को प्राथमिक सहायता देने के बाद अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि छात्रा के सिर पर गहरी चोट लगी है। डॉक्टरों ने उसकी गंभीरता को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे नाहन मेडिकल कॉलेज भेजा है। फिलहाल छात्रा का उपचार जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने चिंता जताई है कि यदि छत का हिस्सा किसी बड़े समूह में बैठे बच्चों पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों के भवनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए, ताकि जर्जर इमारतों के कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में न पड़े। उन्होंने प्रशासन से स्कूल भवन की स्थिति की जांच कराने और जरूरी मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।
स्कूल प्रशासन ने घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। माना जा रहा है कि हादसे के बाद स्कूल भवन की तकनीकी जांच कराई जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छत की स्थिति पहले से खराब थी या अचानक कोई तकनीकी समस्या आई।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान कई सरकारी स्कूल भवनों में इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। भारी बारिश के कारण पुराने भवनों की छतों और दीवारों में नमी आने से उनकी मजबूती प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय रहते मरम्मत और निरीक्षण बेहद जरूरी हो जाता है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी स्कूल भवनों का व्यापक निरीक्षण कराया जाए और जहां भी मरम्मत की जरूरत है, वहां तुरंत काम शुरू किया जाए।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और भवनों की स्थिति को लेकर चर्चा छेड़ दी है। शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत और सुरक्षित भवन जरूरी हैं।
फिलहाल घायल छात्रा काव्या का इलाज नाहन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में स्कूल भवन की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की मुख्य वजह क्या थी और इसके लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई।





