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कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया ने एक और अहम चरण पूरा कर लिया है। परियोजना से प्रभावित भू-मालिकों, दुकानदारों और विस्थापित परिवारों को पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) अवार्ड नोटिस देने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू कर दी गई। जिला प्रशासन की ओर से पंचायत सहौड़ा में विशेष शिविर आयोजित कर प्रभावित लोगों को नोटिस सौंपे जा रहे हैं।
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत जिन लोगों की भूमि, दुकानें या अन्य संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं, उन्हें नियमानुसार पुनर्वास और पुनर्स्थापन का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक सीधे पहुंचकर उन्हें अवार्ड नोटिस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को आवश्यक जानकारी समय पर मिल सके।
प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर रंजीत ठाकुर ने बताया कि भूमि अर्जन अधिकारी एवं एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजली गर्ग के निर्देशानुसार महाल सहौड़ा के प्रभावित लोगों को आरएंडआर अवार्ड नोटिस वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस चरण में 191 निजी भूमि मालिकों, तीन दुकानदारों और चार विस्थापित परिवारों को नोटिस प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि इन प्रभावितों के लिए लगभग 18.50 करोड़ रुपये के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) अवार्ड नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
विशेष शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को आरएंडआर प्रक्रिया की जानकारी भी दी। उन्हें बताया गया कि अवार्ड नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई किस प्रकार होगी और किन प्रक्रियाओं के तहत उन्हें लाभ प्रदान किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं और सवाल भी सुने।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजना मानी जा रही है। इसके विस्तार से हवाई संपर्क को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के कारण कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं, जिनके पुनर्वास और पुनर्स्थापन को प्रशासन प्राथमिकता दे रहा है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि परियोजना विकास के लिए जरूरी है, लेकिन उनके हितों और आजीविका का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन द्वारा आरएंडआर अवार्ड प्रक्रिया शुरू किए जाने से प्रभावित लोगों को आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार पूरी की जा रही हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रभावित लोगों को समय पर जानकारी मिले और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को लेकर लंबे समय से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें कई गांवों की भूमि और संपत्तियां प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन लगातार संबंधित क्षेत्रों में बैठकें और शिविर आयोजित कर लोगों को प्रक्रिया से अवगत करा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े विकास परियोजना की सफलता के लिए प्रभावित लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी होता है। पुनर्वास और पुनर्स्थापन की प्रभावी व्यवस्था से प्रभावित परिवारों को नई परिस्थितियों में बेहतर तरीके से स्थापित होने में मदद मिल सकती है।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी इसी तरह शिविर लगाकर आरएंडआर अवार्ड नोटिस वितरित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है।
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तार कार्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास की सभी औपचारिकताएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।
कुल मिलाकर, गगल कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। सहौड़ा पंचायत में 191 भूमि मालिकों, तीन दुकानदारों और चार विस्थापित परिवारों को करीब 18.50 करोड़ रुपये के आरएंडआर अवार्ड नोटिस जारी किए जाने के साथ परियोजना की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हुई है।





