हिमाचल प्रदेश

BJP का सुक्खू सरकार पर हमला, राजेंद्र राणा ने लगाए कर्ज बढ़ाने और वादाखिलाफी के आरोप

Kavita2
6 Aug 2026 2:35 PM IST
BJP का सुक्खू सरकार पर हमला, राजेंद्र राणा ने लगाए कर्ज बढ़ाने और वादाखिलाफी के आरोप
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकार की बजाय एक “सिंडिकेट” काम कर रहा है और जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया जा रहा है।

राजेंद्र राणा ने सरकार पर बढ़ते कर्ज, चुनावी घोषणाओं को लागू नहीं करने, राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को पांच अलग-अलग ‘खिताब’ देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष किया।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने में सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सरकार से जवाब मांग रही है।

राजेंद्र राणा ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कर्ज के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सरकार वित्तीय प्रबंधन में असफल साबित हो रही है। उनके अनुसार, बढ़ते कर्ज के कारण राज्य के विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। राणा ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान कर्मचारियों से कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा करने में देरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों और आम जनता की उम्मीदों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

भाजपा नेता ने महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने के कांग्रेस के चुनावी वादे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर सरकार ने बड़े दावे किए थे, लेकिन अब तक बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने इसे चुनावी वादा पूरा करने में सरकार की विफलता बताया।

राजेंद्र राणा ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम आर्थिक संकट से गुजर रहा है और कर्मचारियों तथा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया जा रहा है।

इसके अलावा, उन्होंने आपदा राहत कार्यों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। राणा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रभावित लोगों को पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार राहत और पुनर्वास के मुद्दे पर अपेक्षित गति से काम नहीं कर पाई।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में अधिक ध्यान दे रही है, जबकि जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर पर्याप्त काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने के बजाय प्रदेश के विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू की कार्यशैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का उपयोग राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है।

राजेंद्र राणा के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, कांग्रेस नेता पहले भी भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार के कामकाज और योजनाओं का बचाव करते रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आने वाले समय में टकराव और बढ़ सकता है। भाजपा लगातार सरकार को चुनावी वादों और आर्थिक स्थिति के मुद्दे पर घेरने की रणनीति अपना रही है, जबकि कांग्रेस सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतियों के आधार पर जवाब देने की तैयारी में है।

आगामी समय में ओपीएस, महिलाओं को आर्थिक सहायता, एचआरटीसी की स्थिति और राज्य के बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दे प्रदेश की राजनीति में प्रमुख बने रह सकते हैं।

कुल मिलाकर, भाजपा ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आर्थिक प्रबंधन, चुनावी वादों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। राजेंद्र राणा के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है।

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