हिमाचल प्रदेश

IIAS का पांच दिवसीय डायमंड जुबली समारोह होंगे कई कार्यक्रम

Ratna Netam
8 Oct 2026 3:04 PM IST
IIAS का पांच दिवसीय डायमंड जुबली समारोह होंगे कई कार्यक्रम
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शिमला। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी (IIAS) अपनी स्थापना के छह दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में डायमंड जुबली समारोह आयोजित करने जा रहा है। यह विशेष आयोजन 11 से 15 अक्टूबर तक शिमला के ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास में आयोजित किया जाएगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा, शोध, साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। समारोह का उद्देश्य देश के विद्वानों, कलाकारों, प्रकाशकों और आम नागरिकों को एक साझा मंच पर लाना है, जहां शैक्षणिक अनुसंधान और समकालीन सांस्कृतिक विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी का यह डायमंड जुबली समारोह संस्थान की छह दशकों की शैक्षणिक यात्रा को याद करने का अवसर होगा। अक्टूबर 1964 में IIAS सोसाइटी का पंजीकरण हुआ था। इसके बाद अक्टूबर 1965 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने संस्थान का औपचारिक उद्घाटन किया था। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि के छह दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में यह पांच दिवसीय सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
समारोह में विभिन्न विषयों पर शैक्षणिक व्याख्यान, पुस्तकों की प्रदर्शनी, कला प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। आयोजन के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों को केवल शोधकर्ताओं और विद्वानों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक समाज से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आम जनता को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।आयोजन स्थल के रूप में ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास का चयन इस समारोह को विशेष महत्व देता है। शिमला स्थित यह भवन देश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक विरासतों में शामिल है। इसी परिसर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी लंबे समय से अध्ययन, चिंतन और शोध से संबंधित गतिविधियों का केंद्र रहा है। संस्थान के छह दशक पूरे होने का समारोह इसी ऐतिहासिक परिसर में आयोजित किया जाएगा।
पांच दिवसीय कार्यक्रम में शैक्षणिक व्याख्यान विशेष आकर्षण होंगे। इन व्याख्यानों के जरिए विभिन्न विषयों से जुड़े विचारों, शोध कार्यों और समकालीन मुद्दों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध होगा। विद्वानों और शोधकर्ताओं की भागीदारी से विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखा गया है। साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को शैक्षणिक अनुसंधान और उसके सामाजिक महत्व के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
समारोह के दौरान पुस्तकों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से साहित्य, अध्ययन और प्रकाशन की दुनिया को सार्वजनिक कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। पुस्तक प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को विभिन्न प्रकाशनों और अध्ययन सामग्री से परिचित होने का अवसर मिल सकेगा। कार्यक्रम में प्रकाशकों की भागीदारी का उद्देश्य भी ज्ञान और विचारों को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचाने के लिए संवाद का मंच तैयार करना है।
कला प्रदर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियां भी डायमंड जुबली समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए शैक्षणिक विमर्श के साथ कलात्मक अभिव्यक्ति को भी स्थान दिया जाएगा। कलाकारों की भागीदारी से आयोजन में रचनात्मकता और सांस्कृतिक संवाद का समावेश होगा। यह कार्यक्रम शिक्षा और संस्कृति के बीच संबंधों को समझने तथा विभिन्न दृष्टिकोणों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार, डायमंड जुबली समारोह संस्थान की ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता के बीच एक सेतु का काम करेगा। यह आयोजन केवल स्थापना की वर्षगांठ मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत शोध, संवाद और सामाजिक महत्व के विषयों पर चिंतन में संस्थान की भूमिका को भी सामने लाएगा।समारोह में इतिहासकार और भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर रघुवेंद्र तंवर तथा पुरातत्वविद् प्रोफेसर वसंत शिंदे के व्याख्यान भी प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त कांगड़ा लघुचित्र कला से जुड़ी प्रदर्शनी और दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकृत पुस्तकालय पोर्टल की शुरुआत भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 11 से 15 अक्टूबर 2026 तक पांच दिवसीय पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के मुताबिक पुस्तक मेला सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा और इसमें प्रवेश निःशुल्क होगा।समारोह का समापन 15 अक्टूबर को होगा। समापन कार्यक्रम में राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस तरह पांच दिवसीय आयोजन शैक्षणिक अनुसंधान, ऐतिहासिक विरासत, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक मंच पर लाने का अवसर प्रदान करेगा।
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