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राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में CM सुक्खू अचानक दिल्ली रवाना

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 की सुबह अचानक नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव के बाद उनके दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री को गुरुवार को शिमला में वन विभाग की ओर से आयोजित वन्यजीव सप्ताह के समापन कार्यक्रम में भाग लेना था, लेकिन सुबह उनके कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया। दिल्ली दौरे के दौरान उनकी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन मुलाकातों के संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह अचानक दिल्ली के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का गुरुवार को शिमला में वन विभाग के कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित था।
वन्यजीव सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित थी। लेकिन सुबह कार्यक्रम में बदलाव होने के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने के पीछे कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है।
इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री के दिल्ली पहुंचने और पार्टी नेताओं के साथ विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
राहुल गांधी की हिरासत को लेकर कांग्रेस नाराज
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
बुधवार, 7 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
कांग्रेस ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
शिमला में भी प्रदर्शन कर चुके हैं सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में शिमला के लोकभवन के बाहर धरना दिया था।
इस प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री, विधायक और अन्य पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को सवाल पूछने और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
प्रदेशभर में आंदोलन का किया गया आह्वान
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में आंदोलन को राज्यभर में विस्तार देने का निर्णय लिया है।
बुधवार को शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने गुरुवार को प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही थी।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से संबंधित सवालों पर जवाब देने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस के आंदोलन में पार्टी के विभिन्न संगठन और स्थानीय पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, सभी जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत सूची की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात संभव
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना भी जताई जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से राजनीतिक घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन से जुड़े विषयों पर बातचीत कर सकते हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी अथवा अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का कोई निश्चित कार्यक्रम सामने नहीं आया है।
ऐसे में संभावित बैठकों के एजेंडे या उनमें होने वाले निर्णयों के संबंध में अभी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
वन्यजीव सप्ताह के कार्यक्रम में बदलाव
मुख्यमंत्री के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में गुरुवार को वन विभाग द्वारा आयोजित वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह में शामिल होना प्रस्तावित था।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली रवाना होने से उनके शिमला के कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
हालांकि, वन विभाग के समापन समारोह में मुख्यमंत्री के स्थान पर किस अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने हिस्सा लिया, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली में विपक्षी दलों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से भी जुड़ा हुआ है।
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले सामने आए हैं।
हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने राजनीतिक पक्षपात तथा जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने के आरोपों से इनकार किया है।
इन आरोपों की सत्यता को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
दिल्ली में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई भी हुई है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखेगी।
राहुल गांधी के समर्थन में उतरी हिमाचल कांग्रेस
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिमला के प्रदर्शन के दौरान कहा था कि लोकतंत्र में असहमति और सवाल उठाने का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों के जवाब देना आवश्यक है।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा था।
इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
दिल्ली दौरे पर टिकी राजनीतिक नजर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के अचानक दिल्ली जाने से उनके आगामी कार्यक्रमों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
एक ओर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में विपक्षी दलों के साथ आंदोलन में शामिल है।
ऐसे में मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के दिल्ली में किसी विशेष बैठक या राजनीतिक निर्णय की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे के संबंध में यही जानकारी सामने आई है कि उन्होंने गुरुवार सुबह अपना शिमला का कार्यक्रम बदल दिया।
पार्टी सूत्रों ने उनके कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होने और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की संभावना जताई है।
बुधवार को शिमला में हुए प्रदर्शन के बाद गुरुवार को भी हिमाचल कांग्रेस ने आंदोलन जारी रखने की घोषणा की थी।
अब मुख्यमंत्री के दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रम और पार्टी नेताओं से संभावित मुलाकातों की जानकारी सामने आने पर दौरे की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।





