हिमाचल प्रदेश

HRTC की वित्तीय हालत गंभीर, 2200 करोड़ घाटे के बीच पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान अटका

Kavita2
16 Jun 2026 5:28 PM IST
HRTC की वित्तीय हालत गंभीर, 2200 करोड़ घाटे के बीच पेंशन और ग्रेच्युटी भुगतान अटका
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। निगम पर करीब 2200 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया गया है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। समय पर भुगतान न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, सितंबर 2024 के बाद सेवानिवृत्त हुए करीब 400 कर्मचारियों को अब तक केवल पेंशन का लाभ दिया गया है, जबकि उन्हें मिलने वाली ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का भुगतान अभी तक लंबित है। इससे इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा, वर्ष 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए लगभग 200 कर्मचारियों की पेंशन भी अब तक शुरू नहीं की गई है, जिससे उनकी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। नियमित आय बंद होने के कारण कई परिवारों को रोजमर्रा के खर्चों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब यह सामने आता है कि 16 जून तक भी पेंशनरों को मासिक पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है। निर्धारित तारीख बीत जाने के बावजूद भुगतान न होने से पेंशनर्स में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

पेंशनर अपनी समस्याओं को लेकर कई बार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि इन बैठकों में केवल आश्वासन ही मिला है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।

पेंशनरों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान न होना चिंता का विषय है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। कई सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी परेशान हैं।

वहीं, एचआरटीसी की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए सरकार और निगम प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इस बीच, पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।

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