हिमाचल प्रदेश

Shimla : पार्किंग संकट को राहत, स्मार्ट सिटी परियोजना की तीन बहुमंजिला पार्किंग तैयार

Kavita2
16 Jun 2026 4:52 PM IST
Shimla : पार्किंग संकट को राहत, स्मार्ट सिटी परियोजना की तीन बहुमंजिला पार्किंग तैयार
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में बनाई गई तीन बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इनके उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है। इन पार्किंग के शुरू होने से शहर में 800 से अधिक वाहनों के लिए जगह उपलब्ध हो जाएगी, जिससे सड़कों पर लगने वाले जाम में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन पार्किंग स्थलों का निर्माण ऑकलैंड, आईजीएमसी और एसडीए परिसर कसुम्पटी में किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने इन सभी परियोजनाओं का कार्य पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन आधुनिक पार्किंग सुविधाओं के शुरू होने के बाद शिमला में यातायात व्यवस्था को काफी हद तक सुचारू किया जा सकेगा।

कसुम्पटी स्थित एसडीए परिसर में लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला पार्किंग तैयार की गई है, जिसमें 350 से अधिक वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी। यह पार्किंग क्षेत्र के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी, क्योंकि आसपास के इलाकों में पार्किंग की भारी कमी महसूस की जाती रही है।

इसके अलावा ऑकलैंड क्षेत्र में बनी तीन मंजिला पार्किंग में 200 से अधिक वाहनों के लिए स्थान उपलब्ध होगा। यह पार्किंग भी शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आईजीएमसी परिसर में बनी पार्किंग भी इसी परियोजना का हिस्सा है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को वाहन खड़ा करने में सुविधा मिलेगी।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि शिमला में बढ़ते वाहनों के कारण अक्सर सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन नई पार्किंग सुविधाओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन के अनुसार, इन पार्किंग स्थलों के शुरू होने के बाद शहर में अनधिकृत पार्किंग पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा और यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तैयार की गई यह पहल शिमला के शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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