हिमाचल प्रदेश

Himachal Weather: मौसम में आया बदलाव, 6 मई तक येलो अलर्ट जारी

Sarita
1 May 2025 10:56 AM IST
Himachal Weather:   मौसम में आया बदलाव, 6 मई तक येलो अलर्ट जारी
x
Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट ली है। बुधवार से प्रदेश में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने आगामी छह मई तक कई जिलों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना जताई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और कृषि पर पड़ने की आशंका है। खेतों में कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल पर यदि इस दौरान अधिक वर्षा होती है, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, बागवानी क्षेत्र भी इस बदले मौसम से चिंतित है। सेब उत्पादक क्षेत्रों में इन दिनों सेब के पौधों पर फूल लगने के बाद सेटिंग की प्रक्रिया चल रही है। तेज हवाएं चलने से फूलों और छोटे फलों के झड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे सेब की फसल प्रभावित हो सकती है।
इस पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के निचले, मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते दिनों प्रदेश के 13 स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया था। इनमें सुंदरनगर, भुंतर, ऊना, नाहन, सोलन, कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, चंबा, सेऊबाग, धौलाकुआं, बरठीं और बजौरा शामिल हैं। वहीं, न्यूनतम तापमान की बात करें तो शिमला ने इस मामले में सोलन, धर्मशाला, भुंतर और मनाली जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है। इन स्थानों की अपेक्षा शिमला में न्यूनतम तापमान अधिक रहा, जो कि मौसम में आए बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
इस बीच, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। पंडोह डैम के जलग्रहण क्षेत्र में बर्फ पिघलने के कारण डैम में पानी का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। अतिरिक्त पानी को सुरक्षित रूप से निकालने के लिए डैम के स्पिलवे गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। इसके चलते ब्यास नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। बीबीएमबी ने नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों से एहतियात बरतने और नदी के आसपास न जाने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
Next Story