हिमाचल प्रदेश

Himachal: ग्लेशियर की चपेट में आने से बुझ गया घर का चिराग

Sarita
3 March 2025 12:03 PM IST
Himachal: ग्लेशियर की चपेट में आने से बुझ गया घर का चिराग
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Himachal : हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कुठार खुर्द के एक युवक की उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में ग्लेशियर की चपेट में आने से मौत हो गई। रविवार दोपहर जब परिवार को यह दुखद समाचार मिला तो क्षेत्र में माहौल गमगीन हो गया। हरमेश पुत्र ज्ञान चंद 10-15 दिन पहले ही घर आया था। दो-तीन महीने बाद उसकी छोटी बहन की शादी है। शादी की तैयारियों का जायजा लेने के बाद वह फिर से अपने काम के लिए उत्तराखंड लौट गया था। वहां शनिवार को ग्लेशियर की चपेट में आने से अन्य मजदूरों के साथ हरमेश की भी मौत हो गई। वह वहां मशीन ऑपरेटर था। हरमेश का परिवार गरीब वर्ग से ताल्लुक रखता है और उसके पिता ज्ञान चंद दिहाड़ी मजदूर का काम करते हैं।
लेकिन इकलौते बेटे को नौकरी मिलने के बाद परिवार की बिगड़ती हालत में अभी सुधार होना शुरू ही हुआ था कि गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और माता-पिता का इकलौता चिराग बुझ गया। हरमेश की बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन की शादी तय हो चुकी है। ग्लेशियर की चपेट में आने से हरमेश की मौत की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली तो पूरे क्षेत्र का माहौल गमगीन हो गया। उसकी बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल है। उत्तराखंड में नौकरी ज्वाइन किए उसे अभी 8 से 10 महीने ही हुए थे। क्षेत्र के युवक पारस ने बताया कि हरमेश मिलनसार था और सबकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था।
लेकिन हरमेश की असामयिक मौत से उसके माता-पिता और दो बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जबकि हरमेश की मां भी इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद बेसुध है। माना गांव के पास हिमस्खलन की चपेट में आए नूरपुर के महेंद्र पाल का शव बरामद कर लिया गया है। एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह ने बताया कि महेंद्र पाल (40) पुत्र स्वर्गीय देस राज निवासी छोह (खुआदरा) शुक्रवार से लापता था। शव को उत्तराखंड से नूरपुर लाया जा रहा है। मृतक के छोटे भाई राम गोपाल ने बताया कि महेंद्र पाल पिछले 10 महीने से भारत-चीन सीमा पर स्थित सीमांत जिले चमोली के माणा में एक निजी कंपनी में मोटर मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था और पिछले साल दिवाली पर घर आया था।
अप्रैल में उसे दूसरी छुट्टी मिलने वाली थी। मृतक अपने पीछे पत्नी, बेटी और बेटे को छोड़ गया है। सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया और विधायक रणवीर सिंह निक्का ने इस हादसे पर दुख जताया है और मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है। एसडीएम नूरपुर गुरसिमर सिंह ने बताया कि सोमवार को गो टू सेठ प्रशासन नायब तहसीलदार के माध्यम से मृतक के परिवार को फौरी राहत प्रदान करेगा।
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