हिमाचल प्रदेश

Himachal: 'ड्रंक एंड ड्राइव' पर सख्ती

Sarita
21 Feb 2025 11:26 AM IST
Himachal:  ड्रंक एंड ड्राइव पर सख्ती
x
Himachal हिमाचल: हिमाचल में सड़क हादसों का एक मुख्य कारण शराब पीकर वाहन चलाना भी पाया गया है। ऐसे में पुलिस विभाग अब पहली बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के तहत निर्धारित कारावास की सजा के तहत मुकदमा चलाएगा। अभी तक अगर कोई व्यक्ति पहले भी शराब पीकर वाहन चलाने का दोषी पाया जाता है और दोबारा वही अपराध करता है तो उल्लंघनकर्ता का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के लिए सक्षम अधिकारी को सूचित किया जाता था। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती थी, लेकिन अब ऐसा करने वालों पर मुकदमा चलाकर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
इसके साथ ही सरकारी वाहन चालकों द्वारा उल्लंघन किए जाने पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए विभाग संबंधित विभागाध्यक्ष को सूचना भेज रहा है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को बार-बार शराब पीकर वाहन चलाने का अपराध करने वालों का डाटा बैंक तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसे वे आगे प्रदेश की टीटीआर विंग को सौंपेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार उल्लंघनकर्ताओं के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिशें प्रदेश पुलिस द्वारा भेजी जा रही हैं। देखा जाए तो सड़क सुरक्षा दुनियाभर में बड़ी चिंता का विषय है। हर साल हजारों लोग सड़क यातायात दुर्घटनाओं के कारण मरते हैं। सड़क यातायात दुर्घटनाओं के कई कारण हैं, जैसे खतरनाक ड्राइविंग, तेज गति से वाहन चलाना, बिना लाइसेंस के वाहन चलाना, खराब सड़क इंजीनियरिंग और शराब के नशे में वाहन चलाना।
पिछले साल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के 21421 मामले सामने आए। इनमें से प्रदेश पुलिस की यातायात, पर्यटक और रेलवे विंग ने 1 हजार सड़क दुर्घटनाओं के रक्त के नमूने जांच के लिए राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजे। इस विश्लेषण के दौरान 229 नमूनों में अल्कोहल की मात्रा पाई गई, जो कुल नमूनों का करीब 25 प्रतिशत है। इनमें सबसे ज्यादा 34 मामले शिमला से संबंधित हैं। एआईजी टीटीआर विनोद कुमार ने कहा कि विश्लेषण में सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण सामने आए हैं, जिसमें मुख्य रूप से शराब के नशे में वाहन चलाना शामिल है। नशे में वाहन चलाने से संबंधित मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा वाहन चालकों को विभिन्न माध्यमों से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
Next Story