हिमाचल प्रदेश

Himachal: स्कूलों में मिड डे मील के दौरान भेदभाव पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

Gulabi Jagat
24 Jun 2026 7:54 PM IST
Himachal: स्कूलों में मिड डे मील के दौरान भेदभाव पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश
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Himachal: शिमला में हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में सामाजिक समानता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री पोषण (PM Poshan) योजना के तहत मिड डे मील वितरण के दौरान किसी भी छात्र के साथ धर्म, जाति, पंथ या लिंग के आधार पर भेदभाव बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि राज्य के कई स्कूलों से समय-समय पर भेदभाव की शिकायतें मिलती रही हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। यदि किसी स्कूल में भोजन वितरण के दौरान भेदभाव पाया गया तो संबंधित शिक्षक या अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि बच्चों को रोल नंबर के आधार पर भोजन कराया जाए, ताकि किसी प्रकार का अलगाव या भेदभाव न हो। साथ ही स्कूल प्रबंधन समितियों और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे इस व्यवस्था की नियमित निगरानी करें।शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक बीआर शर्मा ने कहा कि मिड डे मील व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करने के लिए रोल नंबर वाइज बैठने और भोजन कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

विभाग ने शिकायत निवारण के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-8007 भी जारी की है, जिसे हर स्कूल परिसर में प्रमुख रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह हेल्पलाइन कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि मिड डे मील योजना केवल पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों में समानता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का माध्यम भी है।हिमाचल में यह योजना 14,423 सरकारी स्कूलों में लागू है, जहां लगभग 4.95 लाख विद्यार्थी इसका लाभ लेते हैं। इसके लिए 20,815 कुक कार्यरत हैं और राज्य सरकार हर वर्ष लगभग 115 करोड़ रुपये खर्च करती है।

कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग का यह कदम स्कूलों में भेदभाव खत्म करने और बच्चों के बीच समानता की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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