हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के डॉक्टर ने 80 करोड़ की संपत्ति सरकार को की दान

Kavita2
13 Aug 2026 1:55 PM IST
हिमाचल के डॉक्टर ने 80 करोड़ की संपत्ति सरकार को की दान
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से मानवता और समाजसेवा की मिसाल पेश करने वाली खबर सामने आई है। नादौन क्षेत्र के जोलसप्पड़ निवासी रिटायर्ड सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेंद्र कंवर ने अपनी करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्ति सरकार को दान कर दी है। उन्होंने अपने माता-पिता और पत्नी की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।

77 वर्षीय डॉ. राजेंद्र कंवर ने अपनी पूरी चल-अचल संपत्ति समाज सेवा के लिए समर्पित कर दी है। उनका उद्देश्य है कि उनकी संपत्ति का उपयोग जरूरतमंद, गरीब, दुखी और वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए किया जाए। उन्होंने अपनी संपत्ति को व्यक्तिगत लाभ के बजाय जनकल्याण के कार्यों में लगाने का निर्णय लिया है।

डॉ. राजेंद्र कंवर स्वास्थ्य विभाग में करीब 33 वर्षों तक सेवाएं दे चुके हैं। नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने चिकित्सा सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा। वह लगातार गरीब और जरूरतमंद मरीजों का उपचार करते रहे हैं। उनके अनुसार, समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है।

डॉ. कंवर ने अपनी संपत्ति दान करने के साथ ही अंगदान करने का भी फैसला लिया है। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर जरूरतमंद लोगों के काम आ सके, इसी सोच के साथ उन्होंने अंगदान का संकल्प लिया है।

उन्होंने अपनी संपत्ति को वरिष्ठ नागरिकों और असहाय लोगों के लिए उपयोग में लाने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि जीवन भर उन्होंने लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी और अब अपनी जमा पूंजी भी समाज के हित में लगाना चाहते हैं।

दो मंजिला मकान वृद्ध आश्रम के लिए देने की इच्छा

डॉ. राजेंद्र कंवर ने अपने दो मंजिला मकान को वृद्ध आश्रम के रूप में उपयोग करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा है कि इस भवन का नाम कृष्णा-राजेंद्र ओल्ड एज होम रखा जाए। इस वृद्ध आश्रम में ऐसे बुजुर्गों को सहारा मिल सकेगा, जिनके पास जीवन के अंतिम पड़ाव में रहने और देखभाल की उचित व्यवस्था नहीं है।

उनकी इच्छा है कि उनकी संपत्ति से वरिष्ठ नागरिकों, गरीबों और दुखी लोगों की सहायता की जाए। उन्होंने सरकार से भी आग्रह किया है कि उनकी संपत्ति का उपयोग समाज कल्याण के कार्यों के लिए सुनिश्चित किया जाए।

डॉ. कंवर का यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। आमतौर पर लोग अपनी संपत्ति परिवार के लिए सुरक्षित रखते हैं, लेकिन डॉ. कंवर ने अपनी मेहनत से अर्जित संपत्ति को समाज को समर्पित करने का फैसला किया है।

उनका कहना है कि संपत्ति का वास्तविक मूल्य तभी है, जब उससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बेहतर हो सके। उन्होंने अपने माता-पिता और पत्नी की सोच को आगे बढ़ाते हुए यह कदम उठाया है।

स्थानीय लोगों ने डॉ. कंवर के इस फैसले की सराहना की है। लोगों का कहना है कि उन्होंने न केवल डॉक्टर के रूप में लोगों की सेवा की, बल्कि अब अपनी संपत्ति दान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश किया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने वाले डॉ. कंवर ने अपने अनुभव के दौरान गरीब मरीजों की परेशानियों को करीब से देखा। इसी कारण उन्होंने यह महसूस किया कि जरूरतमंदों के लिए स्थायी सहायता व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फैसले समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। डॉ. कंवर का कदम उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपनी संपत्ति और संसाधनों का उपयोग समाज के हित में करना चाहते हैं।

डॉ. राजेंद्र कंवर का जीवन चिकित्सा सेवा, मानवता और समाज कल्याण के प्रति समर्पण का उदाहरण बन गया है। 33 साल तक स्वास्थ्य विभाग में सेवा देने के बाद अब उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति भी जनसेवा के नाम कर दी है।

उनका यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल धन अर्जित करना नहीं, बल्कि उस धन का उपयोग दूसरों की भलाई के लिए करना है।

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