हिमाचल प्रदेश

Himachal: राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की अपील

Ratna Netam
7 April 2026 2:42 PM IST
Himachal: राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की अपील
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि राज्य में आयोजित होने वाले मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत की जीवंत झलक पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि ये मेले न केवल धार्मिक या सामाजिक आयोजन हैं, बल्कि राज्य की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय कला को संरक्षित और बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मंत्री ने करसोग में आयोजित नलवाड़ मेला के अवसर पर मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने बताया कि मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, लोकनृत्य, संगीत और पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए जाते हैं, जो आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को राज्य की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कराते हैं।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मेलों के आयोजन से न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ती है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी होता है। मेले के दौरान स्थानीय कारीगर, व्यवसायी और कलाकार अपने उत्पाद और प्रतिभा प्रदर्शित करते हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ती है और स्थानीय रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।
उन्होंने जोर दिया कि हिमाचल सरकार सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री ने कहा कि मेले में आने वाले छात्रों और युवाओं को स्थानीय इतिहास और कला के महत्व के प्रति जागरूक करना भी राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री धर्माणी ने यह भी कहा कि राज्य में हर जिले में ऐसे मेले आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि सभी लोग अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और युवा पीढ़ी को परंपराओं का ज्ञान हो। उन्होंने मेलों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने और हिमाचल प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की योजना पर भी प्रकाश डाला।
विशेषज्ञों का कहना है कि मेले न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य में मेलों का आयोजन समुदाय को जोड़ने, सांस्कृतिक धरोहर का संवर्धन करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होता है।
संक्षेप में, हिमाचल के मंत्री राजेश धर्माणी ने मेले की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्ता पर जोर दिया। उनके अनुसार, मेलों के माध्यम से समृद्ध विरासत का संवर्धन, युवा जागरूकता और पर्यटन विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
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