हिमाचल प्रदेश

हिमाचल पूर्व CM: युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य गंभीर चुनौती

Ratna Netam
4 May 2026 1:37 PM IST
हिमाचल पूर्व CM: युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य गंभीर चुनौती
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के युवा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक दबाव के चलते मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं और समाज एवं सरकार को इस दिशा में सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है।
पूर्व CM ने अपने संबोधन में बताया कि युवाओं में तनाव के कारण अवसाद, चिंता और कई बार गंभीर मानसिक विकार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने युवाओं को समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने और खुलकर अपने मन की बात साझा करने की सलाह दी।
उन्होंने आगे कहा, “शिक्षा प्रणाली, प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव, करियर की अनिश्चितता और सामाजिक अपेक्षाओं ने हमारे युवाओं पर मानसिक बोझ डाल दिया है। अगर हम इसे अनदेखा करेंगे, तो इसका असर केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी दिखाई देगा।”
पूर्व CM ने सरकार और गैर-सरकारी संगठनों से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्यक्रम और सहायता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों, काउंसलिंग सुविधाओं और हेल्पलाइन सेवाओं को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में मानसिक तनाव के कई कारण हैं, जिनमें शिक्षा का दबाव, बेरोजगारी, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग और परिवार तथा समाज की उच्च अपेक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि परिवार, स्कूल और समुदाय के सहयोग से ही संभव है।
पूर्व CM ने इस अवसर पर युवाओं को यह संदेश भी दिया कि अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना किसी कमजोरी का संकेत नहीं है, बल्कि यह जीवन में स्थिरता और सफलता के लिए जरूरी है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे नियमित व्यायाम, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी गतिविधियों को अपनाएं।
इस दौरान उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा बढ़ाने और युवाओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने से युवा अपने जीवन में संतुलन बनाए रख सकते हैं और समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
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