हिमाचल प्रदेश

शिमला में दशहरे की धूम CM सुक्खू ने किया रावण दहन

Ratna Netam
20 Oct 2026 10:10 PM IST
शिमला में दशहरे की धूम CM सुक्खू ने किया रावण दहन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐतिहासिक जाखू मंदिर में आयोजित दशहरा समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि विजयादशमी प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
जाखू मंदिर में CM सुक्खू ने किया रावण दहन
शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में मंगलवार शाम दशहरा समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने रिमोट के माध्यम से पुतलों के दहन की प्रक्रिया शुरू की। रावण दहन के दौरान मौजूद लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए।दशहरा समारोह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पुतलों के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विजयादशमी के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दशहरा हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हर वर्ष बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री ने कामना की कि दशहरे का यह पावन अवसर प्रदेश के प्रत्येक घर में खुशहाली, सुख-समृद्धि और मंगलमय वातावरण लेकर आए।
भगवान हनुमान के दर्शन कर की पूजा-अर्चना
दशहरा समारोह में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जाखू स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।उन्होंने भगवान हनुमान के दर्शन कर प्रदेश की उन्नति और जनता के कल्याण की प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की प्रेरणा भी देता है।उन्होंने समाज में अन्याय और बुराइयों को दूर करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का संदेश दिया।
शिमला के कई इलाकों में मनाया गया दशहरा
राजधानी शिमला में जाखू मंदिर के अलावा समरहिल, संकटमोचन और रामनगर सहित विभिन्न स्थानों पर भी दशहरे का उत्सव मनाया गया।इन स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन कर विजयादशमी की पारंपरिक रस्में निभाई गईं।दशहरा हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों में शामिल है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में रामलीला, पूजा-अर्चना और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
जाखू मंदिर में आयोजित समारोह के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक कमलेश ठाकुर और हरीश जनारथा भी मौजूद रहे।इसके अलावा शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, स्थानीय पार्षद अतुल गौतम, नगर निगम के अन्य पार्षद, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।इस अवसर पर उपायुक्त अनुपम कश्यप और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विजयादशमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
हिंदू धर्म में विजयादशमी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था।इस घटना को धर्म की अधर्म और सत्य की असत्य पर विजय के रूप में देखा जाता है।देशभर में विजयादशमी के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। यह परंपरा समाज को अहंकार, अन्याय और बुरे आचरण से दूर रहने का संदेश देती है।
CM सुक्खू ने दिया सामाजिक सद्भाव का संदेश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक महत्व अपने जीवन में अच्छे विचारों और नैतिक मूल्यों को अपनाने में है।उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी प्रेम, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लेना चाहिए।शिमला के जाखू मंदिर में आयोजित दशहरा समारोह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने भगवान हनुमान से प्रदेशवासियों के सुखद भविष्य और हिमाचल प्रदेश की निरंतर उन्नति की कामना की।
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