हिमाचल प्रदेश

CSIR-IHBT ने पियोनी खेती तकनीक विकसित की

Payal
13 April 2026 3:30 PM IST
CSIR-IHBT ने पियोनी खेती तकनीक विकसित की
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित CSIR Institute of Himalayan Bioresource Technology (CSIR-IHBT) ने फूलों की खेती के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने पियोनी (Peony) फूल की खेती के लिए एक स्वदेशी तकनीक विकसित की है, जिससे राज्य में फ्लोरीकल्चर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तकनीक भारतीय जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है, जिससे पियोनी फूलों की बेहतर पैदावार संभव हो सकेगी। अब तक यह फूल मुख्य रूप से ठंडे देशों में उगाया जाता था, लेकिन इस नई तकनीक के जरिए हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
CSIR-IHBT के विशेषज्ञों ने बताया कि इस तकनीक में उन्नत कृषि विधियों, नियंत्रित तापमान और मिट्टी प्रबंधन का उपयोग किया गया है, जिससे पौधों की वृद्धि और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखा गया है।
इस पहल से किसानों और उद्यमियों को फूलों की खेती में नए अवसर मिलेंगे। पियोनी फूलों की बाजार में अच्छी मांग होती है, खासकर सजावट और फ्लोरल इंडस्ट्री में, जिससे यह किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन सकती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और देश में ही उच्च गुणवत्ता वाले फूलों का उत्पादन बढ़ाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्थानीय स्तर पर कृषि विशेषज्ञों ने इस उपलब्धि का स्वागत किया है और कहा है कि यह हिमाचल को फ्लोरीकल्चर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
CSIR-IHBT ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों और औषधीय पौधों पर भी इसी तरह की तकनीक विकसित की जाएगी, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
कुल मिलाकर, पालमपुर स्थित CSIR-IHBT द्वारा पियोनी की खेती के लिए विकसित स्वदेशी तकनीक एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि है, जो न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती देगी बल्कि किसानों के लिए आय के नए रास्ते भी खोलेगी।
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