हिमाचल प्रदेश

Himachal: चीफ सेक्रेटरी पर ‘गैरकानूनी आदेश’ का आरोप

Ratna Netam
13 April 2026 3:02 PM IST
Himachal: चीफ सेक्रेटरी पर ‘गैरकानूनी आदेश’ का आरोप
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के शिमला से जुड़े चेस्टर हिल्स विवाद में एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। राज्य के पूर्व RERA प्रमुख ने हिमाचल प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी पर “गैरकानूनी आदेश” देने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे राज्य प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
पूर्व RERA प्रमुख का कहना है कि चेस्टर हिल्स परियोजना से जुड़े मामलों में नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए कुछ निर्देश जारी किए गए, जो कानून के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आदेशों के कारण नियामक प्रक्रिया पर दबाव बनाया गया।
इस विवाद के सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, चीफ सेक्रेटरी की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला लंबे समय से चल रहे चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिसमें भूमि उपयोग, मंजूरी प्रक्रिया और नियामक अनुपालन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवाद प्रशासनिक पारदर्शिता और नियामक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करते हैं। उनका कहना है कि किसी भी बड़े रियल एस्टेट या विकास परियोजना में प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी होता है।
पूर्व RERA प्रमुख ने अपने बयान में यह भी कहा कि नियामक संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव से बचाया जाना चाहिए।
इस मामले के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे गंभीर प्रशासनिक विवाद मान रहे हैं, जो आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
स्थानीय स्तर पर भी इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही विवाद और असंतोष की स्थिति रही है, जिससे यह मामला और संवेदनशील बन गया है।
कुल मिलाकर, चेस्टर हिल्स विवाद में पूर्व RERA चीफ द्वारा चीफ सेक्रेटरी पर लगाए गए “गैरकानूनी आदेश” के आरोप ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या रुख अपनाता है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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