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हिमाचल प्रदेश
राहुल गांधी की हिरासत के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध
Ratna Netam
8 Oct 2026 3:54 PM IST

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शिमला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को शिमला में 'काला दिवस' मनाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। शिमला में आयोजित प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम का हिस्सा था। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया और विरोध दर्ज कराया।
शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा कि देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता गुरुवार को 'ब्लैक डे' मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कांग्रेस का मानना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है।
इंदरजीत सिंह ने कहा, "देश भर में कांग्रेस कार्यकर्ता आज 'ब्लैक डे' मना रहे हैं। दो दिन पहले, विपक्ष के नेता समेत हमारे सभी चुने हुए सांसदों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। अपनी बात रखना और बोलने की आजादी का इस्तेमाल करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं था। उनके अनुसार, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहा है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी उनकी ओर से जवाब दे रही है। इंदरजीत सिंह ने भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इंदरजीत सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेताओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिमला जिला कांग्रेस कमेटी ने इसी विरोध के तहत प्रदर्शन आयोजित किया है।
दरअसल, दिल्ली में 6 और 7 अक्टूबर को कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। विपक्ष इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि आयोग के भीतर विचार-विमर्श तथा मतभेद सामान्य संस्थागत प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं।
बुधवार, 7 अक्टूबर को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली के संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था और प्रतिबंधात्मक आदेशों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं समेत लगभग 90 लोगों को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। पार्टी ने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। इसी के तहत हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'काला दिवस' मनाकर विरोध दर्ज कराया।
इससे पहले बुधवार को भी हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शिमला में विरोध प्रदर्शन किया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित पार्टी के नेता शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया था। गुरुवार का प्रदर्शन कांग्रेस के इसी विरोध अभियान की अगली कड़ी के रूप में सामने आया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका केवल संसद के भीतर सवाल उठाने तक सीमित नहीं है। विपक्ष को सार्वजनिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार की नीतियों की आलोचना करने का अधिकार भी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन अधिकारों के संरक्षण की मांग को लेकर उनका विरोध जारी है।
वहीं, सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। संविधान शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, लेकिन इन अधिकारों पर कानून के अनुसार उचित प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। ऐसे में दिल्ली के घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के विरोध के अधिकार और प्रशासन की जिम्मेदारी दोनों पर चर्चा हो रही है।
शिमला शहरी कांग्रेस अध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने अपने बयान में दोहराया कि कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुए कथित अनुचित व्यवहार के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का विरोध और राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों को हिरासत में लिए जाने का मामला राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस ने शिमला में 'काला दिवस' मनाकर इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं, दिल्ली में जारी राजनीतिक प्रदर्शन के कारण चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विपक्ष के अधिकारों और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों पर बहस तेज हो गई है।
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