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हिमाचल प्रदेश
CM सुक्खू ने निभाया वादा दो स्कूलों के बनेंगे नए भवन
Ratna Netam
8 Oct 2026 7:03 PM IST

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के दौरान बच्चों और ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा करते हुए शिमला जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 15.75 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। यह राशि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के भटवारी और रामपुर विधानसभा क्षेत्र के काशा-पाट में घोषित विकास योजनाओं पर खर्च की जाएगी। इनमें स्कूल भवनों का निर्माण, सड़कों का सुधार, पुलों का निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने और स्थानीय लोगों की मांगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।गुरुवार, 8 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने हालिया प्रवास के दौरान स्थानीय निवासियों और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना था। इस दौरान किए गए नौ विकास कार्यों की घोषणाओं के लिए योजना विभाग ने कुल 15.75 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। सरकार का उद्देश्य घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
इस राशि में से चार करोड़ रुपये शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवंटित किए गए हैं। इनमें दो करोड़ रुपये राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के नए भवन और दो करोड़ रुपये काशा-पाट स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए जारी किए गए हैं। दोनों स्कूलों में नए भवन बनने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में रामपुर बुशहर स्थित सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया था। इस दौरान एक छात्रा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के लिए नया भवन बनाने की मांग उठाई थी। छात्रा ने मुख्यमंत्री को बताया था कि स्कूल वर्तमान में दो अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।छात्रा ने यह भी बताया था कि स्कूल के स्थायी भवन के निर्माण के लिए एक स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उसने मुख्यमंत्री से नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने तत्काल इस मांग को स्वीकार करते हुए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। अब योजना विभाग ने इस घोषणा को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की थी। छात्रों ने शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षा की गुणवत्ता, पर्यटन, सामाजिक समानता और नशे की समस्या जैसे विषयों पर सवाल किए थे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया था।इसी प्रकार रामपुर विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज गांव काशा-पाट में भी नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने ग्रामीण प्रवास के दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर इस स्कूल भवन के निर्माण की घोषणा की थी। अब राशि स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने हालिया काशा-पाट प्रवास के दौरान ग्रामीणों के साथ समय बिताया था। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी थीं और दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क तथा परिवहन सुविधाएं बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश का संतुलित विकास तभी संभव है, जब ग्रामीण क्षेत्रों को भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
शिक्षा के अलावा सड़क और पुल निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी धनराशि जारी की गई है। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के तांगणू-जांगलिक पंचायत क्षेत्र में सुंदरु खड्ड पर पुल निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह पुल स्थानीय लोगों की मांग पर प्रस्तावित किया गया था।इसके अतिरिक्त बरशील पुल के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और शिशारा में फुट ब्रिज के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करना है।रोहड़ू में अंबेडकर भवन के निर्माण के लिए भी 50 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। इस संबंध में योजना विभाग ने स्वीकृति पत्र लोक निर्माण विभाग को भेज दिया है। इससे संबंधित विभाग को आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आधार मिलेगा।रामपुर विधानसभा क्षेत्र के काशा-पाट में सड़क सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाओं पर कार्रवाई की गई है। स्थानीय निवासियों की मांग के अनुसार धनदोल से काशा-पाट तक सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाने के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही जबल से खाबल सड़क के सुधार और क्रैश बैरियर लगाने के लिए भी दो करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क सुरक्षा और बेहतर संपर्क व्यवस्था का विशेष महत्व है। पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आवागमन कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में सड़कों के सुधार, पुल निर्माण और क्रैश बैरियर लगाने की परियोजनाएं स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी लेते हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को अपनी मांगें सीधे सरकार के सामने रखने का अवसर मिलता है। शिमला जिले में घोषित विकास कार्यों के लिए धनराशि जारी करना इसी जनसंवाद कार्यक्रम के तहत की गई घोषणाओं का हिस्सा है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों की घोषणाओं के बाद उन्हें लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों को धनराशि जारी की गई है, ताकि आगे की प्रशासनिक और निर्माण संबंधी प्रक्रियाएं शुरू हो सकें।हालांकि, इन सभी परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरे होने की अंतिम समयसीमा की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। राशि जारी होने के बाद संबंधित विभागों को नियमों के अनुसार कार्य आगे बढ़ाना होगा।फिलहाल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बच्चों और ग्रामीणों से किए गए वादों के अनुरूप 15.75 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति देकर विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की पहल की है। इसमें शिक्षा के लिए चार करोड़ रुपये और शेष धनराशि सड़क, पुल, फुट ब्रिज, क्रैश बैरियर तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों के लिए निर्धारित की गई है।
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