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32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानें 14 मई तक बंद, Airlines को वैकल्पिक रूट अपनाने के निर्देश

New Delhi: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में स्थित 32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और संबंधित विमानन एजेंसियों ने परिचालन संबंधी कारणों से इन हवाई अड्डों को 9 मई से 14 मई 2025 तक सभी नागरिक उड़ानों के लिए बंद रखने का फैसला किया है।
मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस अवधि के दौरान इन हवाई अड्डों से किसी भी प्रकार की वाणिज्यिक या नागरिक उड़ान का संचालन नहीं होगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइंस से अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
32 हवाई अड्डों पर रहेगा असर
जिन हवाई अड्डों पर अस्थायी रूप से नागरिक उड़ानें बंद रहेंगी, उनमें उधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू-मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलाई शामिल हैं।
इन सभी हवाई अड्डों पर 14 मई तक नागरिक विमान सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि रक्षा और अन्य आवश्यक सरकारी उड़ानों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
हवाई मार्गों पर भी प्रतिबंध
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि केवल हवाई अड्डों को ही बंद नहीं किया गया है, बल्कि दिल्ली और मुंबई फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन (FIR) के अंतर्गत आने वाले एयर ट्रैफिक सर्विस (ATS) मार्गों के 25 हिस्सों को भी अस्थायी रूप से बंद रखने की अवधि बढ़ा दी गई है।
इन मार्गों के बंद रहने से कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हो सकते हैं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसियां लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।
एयरलाइंस को जारी किए गए निर्देश
AAI ने सभी एयरलाइंस और फ्लाइट ऑपरेटरों को मौजूदा हवाई यातायात परामर्श का पालन करने और वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। एयरलाइंस से कहा गया है कि वे यात्रियों को समय रहते उड़ानों में बदलाव, रद्दीकरण या पुनर्निर्धारण की जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा और परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नागरिक उड्डयन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाना आवश्यक समझा गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हालात सामान्य होने पर प्रतिबंधों की समीक्षा की जाएगी और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
लगातार निगरानी जारी
सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, वायुसेना और अन्य संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि सुरक्षा परिस्थितियों में बदलाव होता है तो नोटम (NOTAM) के माध्यम से नई जानकारी जारी की जाएगी।
फिलहाल 14 मई तक इन 32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ानों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा और यात्रियों से सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।





