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हिमाचल प्रदेश
धार्मिक यात्रा के बीच ढाबे पर छूटा 8 साल का बच्चा, पुलिस ने परिवार से मिलाया
nidhi
7 Oct 2026 9:45 AM IST

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80 KM दूर पहुंच गया परिवार, ढाबे पर अकेला रह गया मासूम
ऊना: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में धार्मिक यात्रा पर निकले एक परिवार के साथ हैरान करने वाली घटना सामने आई। उत्तर प्रदेश से शक्तिपीठों के दर्शन के लिए आया परिवार अंब क्षेत्र के धुसाड़ा स्थित एक ढाबे पर चाय-नाश्ते के लिए रुका था। नाश्ते के बाद परिवार टैम्पो ट्रैवलर में सवार होकर आगे निकल गया, लेकिन उनका आठ वर्षीय बच्चा ढाबे पर ही छूट गया। परिवार करीब 80 किलोमीटर दूर पहुंच चुका था, तब पुलिस की सूचना के बाद उन्हें बच्चे के पीछे छूटने का पता चला।
घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है। धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का समूह धुसाड़ा में कुछ देर के लिए रुका था। परिवार के सदस्य चाय-नाश्ता करने के बाद दोबारा वाहन में बैठ गए। इसी दौरान आठ वर्षीय बच्चा ढाबे के पास रह गया और किसी का ध्यान उसकी ओर नहीं गया। परिवार के चले जाने के बाद बच्चा अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को ढूंढने लगा। काफी देर तक परिवार का कोई सदस्य नजर नहीं आने पर बच्चा घबरा गया और रोने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को अकेला देखा तो उससे बातचीत की और मामले की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही अंब पुलिस सक्रिय हुई और बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। चुनौती यह थी कि बच्चे के परिवार और उस वाहन का पता कैसे लगाया जाए, जिसमें परिवार आगे निकल चुका था। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। अंब चौक पर लगे कैमरों में टैम्पो ट्रैवलर दिखाई दिया। इसके बाद वाहन का नंबर पता लगाया गया और उसके मालिक से संपर्क किया गया। वाहन मालिक के जरिए चालक का मोबाइल नंबर हासिल किया गया।
जब पुलिस ने चालक से फोन पर संपर्क किया और बताया कि वाहन में सवार परिवार का आठ वर्षीय बच्चा धुसाड़ा के ढाबे पर छूट गया है, तब परिजनों को पूरी घटना का पता चला। उस समय तक टैम्पो ट्रैवलर करीब 80 किलोमीटर दूर पहुंच चुका था। जानकारी मिलते ही परिवार ने वापस अंब की ओर रुख किया। लंबे समय बाद अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर माता-पिता ने राहत की सांस ली। पुलिस ने आवश्यक कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
डीएसपी अंब अनिल पटियाल ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की थी। सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन को ट्रेस किया गया और उसके चालक तक पहुंच बनाई गई। इसके बाद परिवार को बच्चे के बारे में बताया गया। बताया गया कि परिवार उत्तर प्रदेश से आया था और हिमाचल के विभिन्न शक्तिपीठों के दर्शन के लिए यात्रा कर रहा था। कुछ रिपोर्टों के अनुसार श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी और नयना देवी के दर्शन के लिए जा रहे थे।
इस पूरी घटना में राहत की बात यह रही कि बच्चा सुरक्षित रहा। स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण उसे जल्द ही परिवार से मिलाया जा सका। घटना ने यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया है। भीड़भाड़ वाले स्थानों, ढाबों, रेलवे स्टेशनों या धार्मिक स्थलों पर परिवारों को वाहन में बैठने से पहले सभी सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी चाहिए।
विशेषकर बड़े समूह में यात्रा करते समय यह जिम्मेदारी तय करना जरूरी है कि बच्चों पर नजर कौन रखेगा। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। धुसाड़ा की यह घटना आखिरकार सुखद अंत के साथ समाप्त हुई। पुलिस की तत्परता और स्थानीय लोगों की मदद से आठ वर्षीय बच्चा सुरक्षित अपने माता-पिता तक पहुंच गया।
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