हिमाचल प्रदेश

शिमला नगर निगम की 1300 संपत्तियां होंगी लीज पर, पेट्रोल पंप-गेस्ट हाउस का प्रस्ताव

Saba Naaz
20 July 2026 5:09 PM IST
शिमला नगर निगम की 1300 संपत्तियां होंगी लीज पर, पेट्रोल पंप-गेस्ट हाउस का प्रस्ताव
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शिमला: नगर निगम अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आय के नए स्रोत विकसित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। निगम शहर की करीब 1300 संपत्तियों को 99 साल की लीज पर देने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही नगर निगम की भूमि पर पेट्रोल पंप और गेस्ट हाउस विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इन योजनाओं के जरिए निगम अपनी आय बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश कर रहा है।

इस संबंध में सोमवार को मेयर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1300 संपत्तियों को लीज पर देने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले पूरे मामले का अध्ययन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति प्रस्ताव के कानूनी, वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट अगली वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में पेश करेगी।

समिति में नगर निगम के अकाउंट्स अधिकारी, वास्तुकार (आर्किटेक्ट) और विधि अधिकारी को शामिल किया गया है। समिति यह तय करेगी कि 99 साल की लीज योजना को किस तरह लागू किया जाए और इससे निगम को कितना आर्थिक लाभ मिलेगा।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में इन संपत्तियों से हर साल करीब पांच से छह करोड़ रुपये का किराया प्राप्त होता है। लेकिन हर महीने किराया वसूलने, रिकॉर्ड रखने और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं। इसी वजह से निगम ने एकमुश्त राशि लेकर संपत्तियों को लंबे समय के लिए लीज पर देने का विचार तैयार किया है।

प्रस्ताव के अनुसार, लीज से मिलने वाली बड़ी राशि को शहर के विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा। इससे निगम को नियमित किराया वसूली की परेशानी से भी राहत मिलेगी। हालांकि इस योजना को लागू करने से पहले सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी।

नगर निगम ने संपत्तियों को तीन श्रेणियों में बांटने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत मुख्य शहर क्षेत्र में 99 साल की लीज के लिए 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय करने का सुझाव दिया गया है। वहीं दूसरे श्रेणी के क्षेत्रों के लिए 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर और उपनगरों के लिए 300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर प्रस्तावित की गई है।

योजना के तहत लीज लेने वाले व्यक्ति या संस्था को एकमुश्त राशि जमा करनी होगी। इसके बाद तय नियमों और शर्तों के अनुसार वह संपत्ति का 99 वर्षों तक उपयोग कर सकेंगे। बैठक में कुछ सदस्यों ने इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी और वित्तीय स्थिति को स्पष्ट करने की जरूरत बताई, जिसके बाद समिति गठित करने का फैसला लिया गया।

इसके अलावा नगर निगम अपनी भूमि का उपयोग कर अतिरिक्त आय बढ़ाने की भी योजना बना रहा है। बैठक में आइजीएमसी अस्पताल के नीचे नगर निगम की जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। निगम का अनुमान है कि इस परियोजना से हर साल करीब 18 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। पेट्रोल पंप को नगर निगम के नाम से संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

बैठक में खलीनी क्षेत्र के पास नगर निगम की सराय और गेस्ट हाउस विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिमला जैसे पर्यटन शहर में गेस्ट हाउस और ठहरने की सुविधाएं विकसित करने से निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इन योजनाओं से भविष्य में निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और शहर में विकास कार्यों को गति मिलेगी। अब तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त एवं अनुबंध कमेटी की अगली बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद ही इन योजनाओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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