
पानीपत: एक शिक्षण संस्थान के चेयरमैन से सात करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी अमेरिका से वापस लौटा युवक था, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पानीपत पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थान के चेयरमैन को फोन कर सात करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। आरोपियों ने रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कुछ ही समय में इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले का मुख्य आरोपी अजय है। वह वर्ष 2022 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था और वर्ष 2026 में वापस भारत लौटा। भारत आने के बाद उसने अपने संपर्क में आए युवकों के साथ मिलकर रंगदारी की योजना बनाई। उसने सबसे पहले रोहित को अपने साथ जोड़ा। इसके बाद रोहित ने अमित को और अमित ने रिहान को इस साजिश में शामिल कर लिया।
जांच में सामने आया कि रिहान पहले संबंधित शिक्षण संस्थान का छात्र रह चुका था। इसी वजह से उसके पास संस्थान के चेयरमैन का मोबाइल नंबर मौजूद था। रिहान ने यह नंबर अपने साथियों को उपलब्ध कराया, जिसके बाद आरोपियों ने चेयरमैन को फोन कर सात करोड़ रुपये की मांग की। आरोपियों ने पैसे नहीं देने पर जान से मारने जैसी धमकियां देकर डराने का प्रयास किया।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अपनी बातचीत को छिपाने के लिए मोबाइल एप के माध्यम से वीडियो कॉल करते थे। इसी एप के जरिए वे आपस में संपर्क बनाए रखते थे और रंगदारी की पूरी योजना तैयार की गई। आरोपियों को उम्मीद थी कि इस तरीके से पुलिस उन तक आसानी से नहीं पहुंच पाएगी।
हालांकि पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अजय, रोहित, अमित और रिहान को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी पानीपत जिले और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपी इससे पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस साजिश में और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। शिक्षण संस्थान के चेयरमैन को धमकाकर बड़ी रकम ऐंठने की इस कोशिश का समय रहते खुलासा होने से एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा है कि तकनीकी निगरानी और मजबूत जांच के चलते अपराधियों की योजनाएं अब ज्यादा समय तक छिप नहीं सकतीं।





