हरियाणा

पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची पति की हत्या की साजिश

Saba Naaz
15 July 2026 10:25 PM IST
पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची पति की हत्या की साजिश
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पानीपत। हरियाणा के बहुचर्चित अशोक हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी सोनू समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह की अदालत ने हत्या, साजिश और अन्य आरोपों में दोषी पाए गए चारों आरोपियों को यह सजा दी। साथ ही सभी पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

अदालत ने जिन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, उनमें अशोक की पत्नी सोनू, गांव करसिंधु निवासी दीपक उर्फ दीपू, जोशी निवासी अजीत और सोमबीर शामिल हैं। वहीं, इस मामले में सह-आरोपित उषा को हत्या के आरोपों से साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।

यह मामला वर्ष 2022 का है और उस समय अशोक हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि प्रेम संबंधों के चलते अशोक की हत्या की साजिश रची गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए, जिनके आधार पर आरोप साबित हुए।

अदालत ने अपने फैसले में हत्या के वीडियो, डीएनए रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डायटम जांच, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अहम माना। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करते हैं।

मामले में सबसे महत्वपूर्ण सबूत हत्या का वीडियो रहा। जांच के दौरान सामने आए वीडियो में दीपक और अजीत अशोक का बेल्ट से गला घोंटते हुए दिखाई दे रहे थे। वहीं, वीडियो रिकॉर्ड करने में सोमबीर की भूमिका भी सामने आई। वैज्ञानिक जांच और अन्य सबूतों से पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ीं।

अदालत ने माना कि पत्नी सोनू के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि घटना को अंजाम देने से पहले पूरी योजना बनाई गई थी और इसमें सभी आरोपियों की अलग-अलग भूमिका थी।

फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया। उनका कहना है कि लंबे समय के बाद उन्हें न्याय मिला है। वहीं, पुलिस और अभियोजन पक्ष ने भी वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत बताया।

इस मामले की जांच में पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लिया था। मोबाइल वीडियो, डीएनए जांच और एफएसएल रिपोर्ट जैसी आधुनिक जांच तकनीकों ने केस को साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अदालत ने स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अशोक हत्याकांड में भी वीडियो और अन्य जांच रिपोर्टों ने आरोपियों की भूमिका साबित करने में अहम योगदान दिया।

उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद अब चारों दोषियों को जेल भेज दिया गया है। पानीपत के इस चर्चित हत्याकांड का फैसला आने के बाद इलाके में लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का अंत हो गया है।

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