
x
HASI हांसी। हरियाणा में कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ के एक बयान पर पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समर्थन का फैसला जनता करती है और इसके लिए वर्ष 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जस्सी पेटवाड़ को अभी मैदान में आने की चुनौती देते हुए कहा कि तभी पता चल जाएगा कि जनता किसके साथ है। हांसी में प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा, “जस्सी पेटवाड़ जी, जल्दी मैदान में आइए। 2029 का इंतजार क्यों कर रहे हैं? अभी मैदान में आइए। जनता भी इंतजार कर रही है। फिर देखेंगे कि किसके साथ जनता का समर्थन है। फैसला जनता करेगी।”
कैप्टन अभिमन्यु का यह बयान जस्सी पेटवाड़ की टिप्पणी के जवाब में सामने आया है। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी ने हरियाणा की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। हालांकि, पेटवाड़ के जिस पूरे बयान पर कैप्टन अभिमन्यु ने प्रतिक्रिया दी, उसका विस्तृत संदर्भ उपलब्ध बयान में नहीं दिया गया है। भाजपा नेता ने अपने जवाब में चुनावी राजनीति और जनसमर्थन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में होता है और किसी भी नेता के दावे की असली परीक्षा जनता के बीच होती है।
‘जनता करेगी फैसला’
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि राजनीतिक दल और नेता अपने-अपने दावे कर सकते हैं, लेकिन जनता का समर्थन चुनावी मैदान में ही स्पष्ट होता है। उन्होंने कांग्रेस विधायक से कहा कि अगर उन्हें अपने जनसमर्थन पर भरोसा है तो उन्हें अभी मुकाबले के लिए तैयार होना चाहिए। हरियाणा में भाजपा और कांग्रेस के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। स्थानीय स्तर पर भी दोनों दलों के नेता एक-दूसरे की नीतियों और दावों पर सवाल उठाते रहते हैं। इसी क्रम में जस्सी पेटवाड़ और कैप्टन अभिमन्यु के बीच यह जुबानी मुकाबला सामने आया है।
कैप्टन अभिमन्यु हरियाणा की भाजपा सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं और प्रदेश भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं जस्सी पेटवाड़ कांग्रेस के विधायक हैं। दोनों नेताओं के बयानों को आगामी राजनीतिक रणनीतियों और क्षेत्रीय समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है। फिलहाल कैप्टन अभिमन्यु ने स्पष्ट किया है कि जनसमर्थन का फैसला किसी नेता के बयान से नहीं, बल्कि जनता करेगी। उन्होंने 2029 का इंतजार किए बिना राजनीतिक मैदान में उतरकर जनसमर्थन की परीक्षा लेने की बात कही है।
Next Story





