
Haryana हरियाणा: गुरुग्राम में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 16 वर्षीय नाबालिग हेल्पर की मौत हो गई। घटना बजघेड़ा थाना क्षेत्र के सेक्टर-113 की है, जहां शुक्रवार रात रोड़ी-बजरी खाली करने के दौरान ट्रक के भीतर काम कर रहे किशोर की दबकर जान चली गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान बरेली जिले के आकलाबाद गांव निवासी 16 वर्षीय प्रियांशु मौर्य के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार प्रियांशु ट्रक पर हेल्पर के रूप में काम करता था और अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए यह काम कर रहा था। उसके पिता दुर्गा प्रसाद मौर्य ने पुलिस को दी शिकायत में घटना की पूरी जानकारी दी और चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
शिकायत के मुताबिक, ट्रक चालक कुछ दिन पहले रोड़ी-बजरी लेकर गुरुग्राम पहुंचा था। उसे सेक्टर-113 स्थित एक गोदाम के पास माल उतारना था। शुक्रवार रात जब ट्रक से रोड़ी-बजरी खाली करने की प्रक्रिया चल रही थी, उसी दौरान यह हादसा हुआ।
बताया गया कि ट्रक चालक ने लापरवाही से ट्रक का पिछला हिस्सा अचानक ऊपर उठा दिया। इसी समय नाबालिग हेल्पर प्रियांशु ट्रक के पीछे डाला खोलने के लिए वहां मौजूद था। जैसे ही ट्रक का पिछला हिस्सा उठा, भारी मात्रा में रोड़ी-बजरी अचानक नीचे खिसक गई और प्रियांशु उसी के नीचे दब गया।
घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद अन्य मजदूरों को भी संभलने का मौका नहीं मिला। आसपास के लोगों ने तुरंत शोर मचाया और मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक किशोर गंभीर रूप से दब चुका था। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों में भी दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण इस तरह के हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला लापरवाही का प्रतीत हो रहा है। बजघेड़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर ट्रक चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
मृतक के परिवार में इस घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का कहना है कि प्रियांशु कम उम्र में ही काम करने के लिए मजबूर था ताकि घर की आर्थिक स्थिति में मदद कर सके। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के कामों में नाबालिगों की तैनाती पर सख्ती से रोक लगाई जाए और ट्रांसपोर्ट व निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपायों का पालन किया गया होता, तो इस तरह की दर्दनाक घटना को रोका जा सकता था।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर मजदूरी और निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करती है, जहां छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।





