
Haryana हरियाणा: हरियाणा सरकार ने मोरनी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। अब इस पहाड़ी और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र में गेस्ट हाउस, ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट खोलना पहले की तुलना में आसान हो गया है। सरकार के इस कदम से स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इसके लिए नई नीति जारी की है, जिसके तहत पंचकूला-मोरनी शेड्यूल रोड और चंडी मंदिर-मोरनी (थापली मार्ग) के दोनों ओर कृषि भूमि में विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था क्षेत्र में पर्यटन आधारित ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
नई नीति के अनुसार, सड़क के दोनों ओर 500 मीटर की गहराई तक यह नियम प्रभावी रहेगा। इस दायरे में होम स्टे, गेस्ट हाउस, ढाबा, रेस्टोरेंट और होटल जैसी सुविधाएं स्थापित की जा सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे मोरनी क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
लंबे समय से स्थानीय होटल और रेस्टोरेंट संचालक इस तरह की अनुमति की मांग कर रहे थे। अब नीति लागू होने के बाद उनके लिए नए व्यवसाय शुरू करने के अवसर खुल जाएंगे, जिससे क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
हालांकि, नीति में पर्यावरण संरक्षण और कानूनी प्रावधानों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई साइट वन कानून या इको सेंसिटिव जोन की अधिसूचनाओं के अंतर्गत आती है, तो वहां किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले संबंधित सक्षम प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य संतुलित विकास को बढ़ावा देना है, ताकि पर्यटन गतिविधियों का विस्तार भी हो और पर्यावरणीय नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय लोगों और व्यवसायियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे मोरनी क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में और अधिक विकसित होगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह नई नीति मोरनी क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है, साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।





