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घर में घुसकर हमले का किया दावा
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में बीसीए की एक छात्रा पर घर में घुसकर ब्लेड से हमला किए जाने की कथित घटना पुलिस जांच में झूठी निकली। खेड़ीपुल थाना पुलिस के मुताबिक छात्रा ने खुद को मामूली चोट पहुंचाने के बाद एक अज्ञात नकाबपोश युवक द्वारा हमला किए जाने की कहानी बनाई थी। जांच में किसी बाहरी व्यक्ति के घर में घुसने या छात्रा पर हमला करने की पुष्टि नहीं हुई।
शुरुआत में छात्रा ने पुलिस और परिवार को बताया था कि वह घर में अकेली बैठकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान एक युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर घर में घुस आया और उस पर ब्लेड से हमला कर दिया। घटना की जानकारी सामने आते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और घटनास्थल की जांच शुरू की। छात्रा द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने कथित हमलावर की तलाश भी शुरू की। घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों, छात्रा के बयान और उपलब्ध अन्य तथ्यों का मिलान किया गया। इसी दौरान पुलिस को कहानी के कई हिस्सों में विरोधाभास नजर आया।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को किसी अज्ञात व्यक्ति के घर में प्रवेश करने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। छात्रा द्वारा बताए गए घटनाक्रम और मौके की परिस्थितियां भी पूरी तरह मेल नहीं खा रही थीं। इसके बाद छात्रा से दोबारा पूछताछ की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति और अपनी जरूरतों को लेकर परेशान थी। वह बीसीए की पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम नौकरी करना चाहती थी, लेकिन उसे अपनी जरूरत के मुताबिक काम नहीं मिल पा रहा था। पुलिस के अनुसार इसी वजह से उसने परिवार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कहानी बनाई। जांच में यह भी सामने आया कि छात्रा ने खुद ही अपने शरीर पर मामूली चोट पहुंचाई थी। इसके बाद उसने परिवार को बताया कि किसी अज्ञात युवक ने ब्लेड से हमला किया है। परिवार ने घटना को सही मानते हुए इसकी जानकारी पुलिस को दी।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई थी। घर में अकेली छात्रा पर नकाबपोश युवक के हमले की खबर से आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। लेकिन पुलिस की जांच ने पूरे घटनाक्रम को अलग मोड़ दे दिया। खेड़ीपुल पुलिस ने शिकायत पर सीधे निष्कर्ष निकालने के बजाय घटनास्थल की परिस्थितियों और छात्रा के बयान की बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने उपलब्ध तथ्यों का मिलान किया और इसी प्रक्रिया में कथित हमले की पुष्टि नहीं हो सकी।
जांच में यह स्पष्ट होने के बाद कि घटना मनगढ़ंत थी, पुलिस ने परिवार को भी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। फिलहाल किसी बाहरी युवक द्वारा ब्लेड से हमला किए जाने की बात सही नहीं पाई गई है। यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान खींचता है कि पढ़ाई, रोजगार और आर्थिक जरूरतों को लेकर युवाओं पर दबाव किस तरह असामान्य परिस्थितियां पैदा कर सकता है। हालांकि किसी परेशानी का समाधान झूठी घटना गढ़कर या खुद को चोट पहुंचाकर नहीं किया जा सकता।
पुलिस का कहना है कि किसी गंभीर अपराध की झूठी सूचना देने से न केवल पुलिस संसाधनों का गलत इस्तेमाल होता है, बल्कि क्षेत्र में बेवजह डर और भ्रम भी फैल सकता है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार के साथ खुलकर बातचीत और समस्या का सही समाधान तलाशना जरूरी है। फिलहाल फरीदाबाद पुलिस की जांच में यह मामला किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा किए गए हमले का नहीं पाया गया है। छात्रा द्वारा बनाई गई कहानी के पीछे पार्ट टाइम नौकरी न मिलने और परिवार पर आर्थिक दबाव बनाने की वजह सामने आई है।
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