
चंडीगढ़। हरियाणा में शहरों के आसपास तेजी से बढ़ रहे अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों में प्लॉट की अदला-बदली या जमीन अंतरण के मामलों में नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक (DTCP) की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाना और अवैध कॉलोनियों के विस्तार को नियंत्रित करना है।
हरियाणा सरकार ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम को अधिसूचित कर दिया है। विधि एवं विधायी विभाग की प्रशासनिक सचिव रितु गर्ग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद यह नया नियम प्रभावी हो गया है।
नए प्रावधान के तहत शहरों के साथ लगते अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन के अंतरण और प्लॉट की अदला-बदली से पहले नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक से अनुमति लेनी होगी। सरकार का मानना है कि कई जगहों पर प्लॉट बदलने के नाम पर जमीनों का स्वरूप बदला जा रहा था, जिससे अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को बढ़ावा मिल रहा था।
सरकार ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम की धारा 7-ए में संशोधन किया है। इसके तहत अब जमीन के ऐसे लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिनसे भविष्य में अवैध निर्माण या अनियोजित कॉलोनियों के विस्तार की संभावना बनती है।
अधिकारियों के अनुसार, पहले कुछ लोग जमीन के छोटे-छोटे हिस्सों का लेनदेन कर बाद में वहां कॉलोनियां विकसित कर देते थे। इससे शहरों के आसपास बिना योजना के बस्तियां विकसित होने लगी थीं। इन इलाकों में सड़क, सीवर, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करना भी चुनौती बन जाता था।
नए नियम लागू होने के बाद जमीन मालिकों और खरीदारों को प्लॉट की अदला-बदली के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। DTCP की अनुमति मिलने के बाद ही ऐसे लेनदेन को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
खास बात यह है कि यह नियम केवल बड़ी जमीनों तक सीमित नहीं रहेगा। एक एकड़ से कम भूमि पर होने वाले अंतरण पर भी यह प्रावधान लागू होगा। इससे छोटे भूखंडों के माध्यम से अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिशों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम से शहरों के आसपास सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आम लोगों को अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकेगा।
हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और अन्य तेजी से विकसित हो रहे शहरों के आसपास जमीनों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाकर कई जगहों पर अनधिकृत कॉलोनियां विकसित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
प्रशासन का मानना है कि नए नियमों से जमीन के अवैध कारोबार पर नियंत्रण लगेगा और शहरी विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। DTCP की मंजूरी की व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमीन का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार ही हो।
सरकार के इस फैसले को शहरी क्षेत्रों के व्यवस्थित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में जमीन से जुड़े मामलों में निगरानी और सख्त होने की संभावना है। इससे जहां अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी, वहीं शहरों का विकास भी बेहतर योजना के साथ हो सकेगा।





