
सोनीपत: सोनीपत में कूड़े से बिजली बनाने वाले संयंत्र के चार वर्ष पूरे होने पर बुधवार को बैठक हुई। इसमें नगर निगम मेयर राजीव जैन ने निर्देश दिए कि हर घर से कूड़ा समय पर उठे और ट्रांसफर स्टेशनों से तुरंत निस्तारण किया जाए। बैठक में कंपनी के महानिदेशक निशांत आर्य, आयुक्त हर्षित कुमार और सह आयुक्त मीतू धनखड़ मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि यह प्रदेश का पहला संयंत्र है, जो रोजाना 650 टन कचरा नष्ट कर बिजली बना रहा है। उन्होंने बताया कि अगर 2018 में यह संयंत्र नहीं लगता तो सोनीपत और पानीपत भी दिल्ली जैसे कूड़े के ढेर से जूझते। उन्होंने मुरथल स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से संयंत्र तक पाइपलाइन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
आयुक्त हर्षित कुमार ने कहा कि शहर में जगह-जगह कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई होगी। जिन संस्थानों से ज्यादा कचरा निकलता है, वहां से उठान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर स्टेशनों के आसपास गंदगी और दुर्गंध न फैले, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। अवैध कूड़ा डंपिंग स्टेशनों को भी बंद कराया जाएगा।
महानिदेशक निशांत आर्य ने भरोसा दिलाया कि कंपनी शहर को स्वच्छ रखने में निगम के साथ पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर किया। बैठक में कंपनी के राजेश पांडे, संजय मुरगई, राजेश कपूर, शैलेन्द्र पांडे, डी पी सिन्हा, जगपाल सिंह, अनुराग श्रीवास्तव, सतेंद्र पाल तोमर, बिजेंद्र सिंह, हिमांशु बावा आदि उपस्थित रहे।





