
हरियाणा : कारोबारी शिवचरण गुप्ता की मृत्यु के बाद उनकी अंतिम रस्मों को लेकर एक भावुक मामला सामने आया है। अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने वाले समाज कल्याण समिति और आनंदाश्रम के संचालकों ने बताया कि 16 अगस्त को शिवचरण गुप्ता को श्रद्धांजलि देने के लिए आश्रम में एक सभा आयोजित की जाएगी। इसके लिए उनकी तीनों शिक्षक बेटियों से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने सभा में शामिल होने से इनकार कर दिया।
समाजसेवियों के अनुसार, शिवचरण गुप्ता के अंतिम संस्कार के बाद अब उनकी आगामी रस्में भी शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और आनंदाश्रम से जुड़े लोग ही निभाएंगे। उन्होंने बताया कि श्रद्धांजलि सभा के आयोजन का उद्देश्य दिवंगत कारोबारी को सम्मान देना और उनके सामाजिक योगदान को याद करना है।
जानकारी के मुताबिक, शिवचरण गुप्ता शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार की व्यवस्था समाज कल्याण समिति, आनंदाश्रम के संचालक और कुछ समाजसेवियों ने मिलकर की थी। उन्होंने मानवीय पहल करते हुए अंतिम यात्रा से लेकर अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली।
श्रद्धांजलि सभा के लिए जब उनकी बेटियों से संपर्क किया गया तो उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। हालांकि, समाजसेवियों के अनुसार, तीनों बेटियों ने आने में असमर्थता जताई और सभा में शामिल होने से मना कर दिया।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और समाजसेवियों में चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने बुजुर्गों और परिवार के रिश्तों को लेकर चिंता व्यक्त की है। वहीं, आश्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि दिवंगत व्यक्ति को सम्मानपूर्वक विदाई देना है।
समाज कल्याण समिति के सदस्यों ने कहा कि अंतिम संस्कार और मृत्यु के बाद की रस्में भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखती हैं। ऐसे समय में परिवार की मौजूदगी भावनात्मक सहारा देती है, लेकिन परिस्थितियां अलग होने पर समाज भी अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
आनंदाश्रम की ओर से बताया गया कि 16 अगस्त को होने वाली श्रद्धांजलि सभा में शहर के कई गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस दौरान शिवचरण गुप्ता के जीवन, उनके व्यवसायिक योगदान और सामाजिक व्यवहार को याद किया जाएगा।
समाजसेवियों का कहना है कि शिवचरण गुप्ता ने अपने जीवन में कई लोगों से संबंध बनाए और समाज में अपनी पहचान बनाई। इसलिए उनके अंतिम समय में उन्हें सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ आश्रम और समिति के लोग आगे की रस्में पूरी करेंगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मामला परिवार और समाज के रिश्तों को लेकर एक भावनात्मक विषय बन गया है। हालांकि, इस संबंध में बेटियों की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
समाजसेवियों ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा पूरी तरह से दिवंगत कारोबारी को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी परिचितों और शहरवासियों से कार्यक्रम में शामिल होकर शिवचरण गुप्ता को श्रद्धांजलि देने की अपील की है।
फिलहाल, शिवचरण गुप्ता की अंतिम रस्मों की जिम्मेदारी समाजसेवियों द्वारा निभाई जा रही है। 16 अगस्त को आयोजित होने वाली श्रद्धांजलि सभा के जरिए उन्हें अंतिम सम्मान दिया जाएगा।





