हरियाणा

SYL पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

Kavita2
7 Aug 2026 11:24 AM IST
SYL पर केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
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नई दिल्ली। हरियाणा से जुड़े सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद का मुद्दा एक बार फिर केंद्र के सामने उठाया गया है। जल जीवन मिशन 2.0 की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसदों ने हरियाणा के हितों से जुड़े इस लंबे समय से लंबित मुद्दे पर चर्चा की और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से हस्तक्षेप की मांग की।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में पार्टी के सांसदों ने बैठक में SYL नहर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी मिलना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने और विवाद के समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की।

बैठक में दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ सांसद जय प्रकाश, वरुण चौधरी, सतपाल ब्रह्मचारी और करमवीर बौद्ध भी मौजूद रहे। सांसदों ने कहा कि हरियाणा लंबे समय से अपने हिस्से के पानी का इंतजार कर रहा है और इस विषय पर केंद्र सरकार को प्रभावी पहल करनी चाहिए।

SYL नहर परियोजना हरियाणा और पंजाब के बीच दशकों से चले आ रहे जल विवाद का केंद्र रही है। हरियाणा का कहना है कि उसे नदी जल समझौते के तहत अपने हिस्से का पानी मिलना चाहिए, जबकि पंजाब इस मामले में अलग रुख रखता है। इस विवाद के कारण नहर निर्माण और पानी के बंटवारे का मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ है।

बैठक के दौरान कांग्रेस सांसदों ने कहा कि जल संसाधनों से जुड़े मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के जीवन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के कई क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त जल संसाधनों की आवश्यकता है।

दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि केंद्र सरकार को मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हरियाणा को उसका वैधानिक हिस्सा मिले। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे का जल्द समाधान जरूरी है।

सांसदों ने जल जीवन मिशन 2.0 से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता, जल संरक्षण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर बातचीत हुई। कांग्रेस सांसदों ने कहा कि जल से जुड़े मुद्दों पर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और केंद्र की सक्रिय भूमिका आवश्यक है।

बैठक में हरियाणा से संबंधित अन्य जल मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने कहा कि राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था होने के कारण पानी की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि किसानों की जरूरतों को देखते हुए जल संसाधनों से जुड़े फैसले लिए जाएं।

SYL नहर विवाद पर हरियाणा की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां समय-समय पर अपनी मांग उठाती रही हैं। राज्य सरकार और विपक्ष दोनों ही हरियाणा के हिस्से का पानी दिलाने की बात करते रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे का समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।

कांग्रेस सांसदों के इस कदम को हरियाणा के जल अधिकारों से जुड़े मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि राज्य के हितों से जुड़े मामलों पर वह लगातार आवाज उठाती रहेगी।

जल विशेषज्ञों का मानना है कि SYL जैसे अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान के लिए बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ना जरूरी है। राज्यों के बीच सहमति और केंद्र की भूमिका ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण होती है।

बैठक के बाद कांग्रेस सांसदों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगा और हरियाणा के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई करेगा।

फिलहाल SYL नहर का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के समाधान के लिए क्या पहल की जाती है।

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