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हरियाणा में लंपी वायरस का बढ़ता प्रकोप, 7577 गोवंश संक्रमित; 70 गायों की मौत

Kavita2
17 Sept 2026 5:47 PM IST
हरियाणा में लंपी वायरस का बढ़ता प्रकोप, 7577 गोवंश संक्रमित; 70 गायों की मौत
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चंडीगढ़। हरियाणा में गोवंश में फैल रहे लंपी वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 7577 गोवंश इस संक्रामक बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 70 गायों की मौत होने की जानकारी सामने आई है।

बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत पशु मेलों के आयोजन और पशुओं की अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

कुरुक्षेत्र के नमूनों में हुई वायरस की पुष्टि

हाल ही में कुरुक्षेत्र जिले से लिए गए पशुओं के नमूनों की जांच में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है।

लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS), हिसार की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद पशुपालन विभाग ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है।

विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संक्रमित पशुओं को अलग रखने के निर्देश दिए हैं।

गांव और शहरों में बड़ी संख्या में प्रभावित गोवंश

पशुपालन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के शहरों और गांवों में 6135 गायें इस बीमारी से प्रभावित मिली हैं।

इसके अलावा गोशालाओं में 1442 गोवंश के संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है।

अधिकारियों के अनुसार, बीमारी को नियंत्रित करने के लिए पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया गया है और प्रभावित इलाकों में उपचार एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक

लंपी वायरस के संक्रमण को दूसरे क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए सरकार ने पशुओं की अंतरराज्यीय आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है।

इसके अलावा पशु मेलों पर भी रोक लगाई गई है, ताकि संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से बीमारी का प्रसार न हो।

प्रशासन का उद्देश्य संक्रमण की चेन को तोड़ना और नए मामलों को नियंत्रित करना है।

2022 में भी फैला था लंपी वायरस

हरियाणा में इससे पहले वर्ष 2022 में भी लंपी वायरस का बड़ा प्रकोप देखने को मिला था।

उस समय प्रदेश में 2937 पशुओं की मौत हुई थी। इनमें 2929 गोवंश और आठ भैंस शामिल थीं।

पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार पशुपालन विभाग ने समय रहते सतर्कता बढ़ाई है।

लंपी वायरस से पशुओं में दिखते हैं लक्षण

लंपी वायरस एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मवेशियों में फैलती है।

इस बीमारी में पशुओं के शरीर पर गांठें पड़ना, बुखार, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं देखी जाती हैं।

समय पर उपचार और देखभाल मिलने से कई पशुओं की स्थिति में सुधार हो सकता है।

पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह

पशुपालन विभाग ने किसानों और पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं में किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे अन्य पशुओं से अलग रखने और तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

टीकाकरण और निगरानी पर जोर

विभाग की ओर से संक्रमित क्षेत्रों में निगरानी और आवश्यक चिकित्सा कदम उठाए जा रहे हैं।

पशुओं को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण और साफ-सफाई पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

लंपी वायरस के मामलों को देखते हुए जिला स्तर पर अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पशु चिकित्सकों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और पशुपालकों को बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं।

संक्रमण रोकना बड़ी चुनौती

गोवंश में तेजी से फैल रहे लंपी वायरस को नियंत्रित करना पशुपालन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है।

सरकार और विभाग की ओर से उठाए जा रहे कदमों के बीच अब निगाहें इस बात पर हैं कि संक्रमण की रफ्तार को कितनी जल्दी नियंत्रित किया जा सकता है।

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