हरियाणा

प्रदूषण बोर्ड सख्त, सरकारी साइटों पर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

Kiran
10 Oct 2026 9:25 AM IST
प्रदूषण बोर्ड सख्त, सरकारी साइटों पर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
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Delhi शुक्रवार को हुई जांच में धूल को रोकने के उपायों में कमियां पाए जाने के बाद, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI), दिल्ली मेट्रो और नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (NBCC) प्रोजेक्ट्स से जुड़ी एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। ये जांच सर्दियों से पहले प्रदूषण को कम करने की कोशिशों के तहत की गई थी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई में निर्माण कार्य रोकना, बिजली आपूर्ति काटना और उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर पर्यावरण मुआवजा लगाना शामिल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सभी सरकारी और निजी एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट को उसके आकार या सरकारी जुड़ाव के कारण कार्रवाई से छूट नहीं मिलेगी। DPCC को पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में DJB की सीवर लाइन बिछाने के काम और NH-9/रोहतक रोड पर पंजाबी बाग और टिकरी कलां के बीच 17.2 किलोमीटर लंबे NHAI कॉरिडोर पर कमियां मिलीं, खासकर मुंडका मेट्रो स्टेशन और मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया के पास।
जांच में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 (कृषि भवन के पास) के पास दिल्ली मेट्रो/सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट साइट्स और सरोजिनी नगर व नेताजी नगर में NBCC के जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन प्रोजेक्ट्स भी शामिल थे। गुप्ता ने कहा कि मकसद निर्माण कार्य में बाधा डालना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी हो। नियमों का पालन करने वाले प्रोजेक्ट्स को जारी रखने की अनुमति दी जाएगी, जबकि उल्लंघन करने पर एजेंसी चाहे कोई भी हो, कार्रवाई की जाएगी।
सरकार अपना 'विंटर पॉल्यूशन एक्शन प्लान' लागू कर रही है, जिसमें गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, सड़क और निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाना, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के हॉटस्पॉट शामिल हैं। गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए 1 अक्टूबर से 'नो PUC, नो फ्यूल' पहल मिशन मोड में चल रही है। रियल-टाइम प्रदूषण डेटा को ज़मीनी कार्रवाई से जोड़ने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के ज़रिए टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी को भी मज़बूत किया गया है।
निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखें, पानी का छिड़काव करें, ज़रूरत पड़ने पर एंटी-स्मॉग गन चलाएं, धूल को रोकने के लिए बैरियर लगाएं और धूल निगरानी पोर्टल पर रजिस्टर करें। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि DPCC नियमित रूप से फील्ड इंस्पेक्शन कर रही है और एजेंसियों को जवाबदेह ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी प्रोजेक्ट्स भी प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो उन पर भी प्राइवेट प्रोजेक्ट्स की तरह ही कार्रवाई की जाएगी।
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