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नूंह पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन पर रैपिडो (Rapido) ऐप पर फर्जी बुकिंग करने और पुराने नोट व सिक्के खरीदने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। नूंह के साइबर पुलिस स्टेशन में इनके खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को 'समन्वय' (Samanvay) पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक शिकायत सामने आई। यह शिकायत उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी सुधीर कनौजिया ने दर्ज कराई थी।
शिकायत और तकनीकी डेटा के आधार पर, पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर को ट्रैक किया, जो सिंगार और नई (Nai) गांवों को जोड़ने वाली सड़क के पास एक खाली खेत में मिला। पुलिस ने नई गांव के रहने वाले मुस्तकीम नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और उसमें लगा सिम कार्ड बरामद हुआ। पुलिस ने पाया कि उस मोबाइल फोन में व्हाट्सएप और रैपिडो ऐप के अकाउंट लॉग-इन थे। फोन की गैलरी में बारकोड और रैपिडो राइड बुकिंग से जुड़ी तस्वीरें भी मिलीं।
मंगलवार को एक अन्य कार्रवाई में, पुलिस ने दो और आरोपियों - साबिर और असप अली (उर्फ ओसाफ) - को गिरफ्तार किया। ये दोनों सलाम्बा बाईपास के पास स्थित दौराखी गांव के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान, साबिर के पास से दो मोबाइल फोन मिले, जबकि असप अली (उर्फ ओसाफ) के पास से एक मोबाइल फोन और चार अतिरिक्त सिम कार्ड जब्त किए गए। बरामद फोन में अलग-अलग सिम नंबरों से जुड़े व्हाट्सएप और व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट लॉग-इन थे। इनमें से एक फोन में फोन-पे (PhonePe) अकाउंट भी लॉग-इन था।
पुलिस ने बताया कि ये आरोपी अपनी पहचान छिपाकर लोगों को पुराने नोट और सिक्के ऊंची कीमत पर खरीदने का लालच देते थे। इसके बाद, वे क्यूआर कोड (QR code) के जरिए 'रजिस्ट्रेशन फीस' मांगकर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, "हम उन आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं जो अलग-अलग तरह के साइबर फ्रॉड में शामिल थे।"
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