- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- आज का पंचांग 29...
धर्म-अध्यात्म
आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: करवाचौथ की पूजा का मुहूर्त और राहुकाल जानें
nidhi
29 Oct 2026 8:02 AM IST

x
एस्ट्रोपत्री: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को करवाचौथ का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत रखती हैं। शाम को विधिपूर्वक पूजा और रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाता है। आज वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी भी है, जिससे गणेश उपासना के लिहाज से दिन का विशेष धार्मिक महत्व है।
पूजा की तैयारी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए तिथि, नक्षत्र और स्थानीय चंद्रोदय का समय जानना उपयोगी है। नीचे दिए गए समय नई दिल्ली के लिए भारतीय मानक समय के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय, राहुकाल और चंद्रोदय अलग हो सकते हैं।
आज की तिथि, नक्षत्र और करण
द्रिक पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। रोहिणी नक्षत्र सुबह 11 बजकर 11 मिनट तक है, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। करण में सुबह 11 बजकर 37 मिनट तक बव और उसके बाद रात 10 बजकर 9 मिनट तक बालव रहेगा।
पंचांग के पांच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। धार्मिक कार्यों का समय निर्धारित करते समय इनका विचार किया जाता है। हालांकि किसी विशेष व्रत का विधान केवल सामान्य शुभ समय से तय नहीं होता। करवाचौथ जैसे पर्व में संध्याकालीन पूजन और चंद्र दर्शन की अपनी अलग भूमिका होती है।
शुभ योगों को लेकर समय का ध्यान रखें
आज के योग संबंधी विवरण में समय की सीमा समझना जरूरी है। कुछ प्रकाशित पंचांगों में सर्वार्थ सिद्धि योग का उल्लेख 29 अक्टूबर की सुबह तक किया गया है। इसे पूरे दिन या शाम की करवाचौथ पूजा तक जारी मानना सही नहीं होगा। जनसत्ता के प्रकाशित विवरण में इसकी समाप्ति सुबह 6 बजकर 34 मिनट बताई गई है।
वहीं द्रिक पंचांग के अनुसार, आज परिघ योग रहेगा, जो 30 अक्टूबर की रात 12 बजकर 6 मिनट, यानी 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि के बाद समाप्त होगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा। इसलिए आज शाम की पूजा को शिव योग में बताने से बचना चाहिए।
ज्योतिषीय मान्यताओं में अलग-अलग योगों का अलग महत्व बताया जाता है। खबर में किसी योग को ‘दुर्लभ’ कहने के लिए उसके गठन और अवधि की स्पष्ट जानकारी जरूरी है। श्रद्धालु पूजा के लिए अपने नगर के पंचांग और पारिवारिक परंपरा का अनुसरण कर सकते हैं।
करवाचौथ पूजा का सही मुहूर्त
नई दिल्ली में करवाचौथ की पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक है। इस अवधि में करवा माता, भगवान गणेश और शिव-पार्वती की आराधना की जा सकती है। चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 17 मिनट बताया गया है।
संध्या की पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का समय अलग है। महिलाएं पहले पूजा तथा कथा पूरी कर सकती हैं और बाद में चंद्र दर्शन करके अर्घ्य दे सकती हैं। चांद दिखाई देने में बादलों या आसपास की इमारतों के कारण देरी हो सकती है। पंचांग में दर्ज चंद्रोदय और अपनी जगह से चांद दिखाई देने के बीच यह अंतर ध्यान में रखें।
आज राहुकाल कब रहेगा?
नई दिल्ली में राहुकाल दोपहर 1 बजकर 28 मिनट से 2 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। यमगंड सुबह 6 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट और गुलिक काल सुबह 9 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 41 मिनट तक है। परंपरागत ज्योतिष में राहुकाल के दौरान नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत टालने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल को पूरे दिन की पूजा पर रोक के रूप में न समझें। दैनिक आराधना और पर्व के निर्धारित धार्मिक अनुष्ठान अपने विधान के अनुसार किए जाते हैं। आज करवाचौथ का संध्याकालीन पूजा मुहूर्त दोपहर के राहुकाल से अलग है।
ऐसे करें पूजन की तैयारी
पूजा से पहले स्थान साफ करके चौकी लगाएं। परिवार में प्रचलित रीति के अनुसार देवी-देवताओं का चित्र या पूजन स्वरूप रखें। थाली में रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, मिठाई, करवा और जल का पात्र तैयार करें। जहां सुहाग सामग्री तथा बायना रखने की परंपरा है, वहां उसकी व्यवस्था भी पहले कर लें।
गणेश वंदना के बाद शिव-पार्वती और करवा माता का स्मरण करें। श्रद्धापूर्वक पूजन करके व्रत कथा पढ़ें या सुनें और आरती करें। कई परिवारों में सामूहिक कथा और बड़ों का आशीर्वाद लेने की परंपरा है। पूजन विधि में क्षेत्रीय अंतर हो सकते हैं; घर में चली आ रही रीति का सम्मान करें।
चंद्र दर्शन के बाद जल से अर्घ्य दें और परिवार की मंगलकामना करें। इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार व्रत खोलें। पूजा की तैयारी में स्थानीय समय की पुष्टि विशेष रूप से जरूरी है, ताकि दिल्ली का चंद्रोदय समय दूसरे शहरों के लिए इस्तेमाल न हो।
Next Story





