
Gurugram गुरुग्राम : नगर निगम गुरुग्राम का बिल अपडेट कराने के नाम पर फर्जी एपीके (APK) लिंक भेजकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साइबर अपराध थाना पश्चिम गुरुग्राम की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीसरे आरोपी को राजस्थान के अलवर से दबोचा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ठगी की रकम को ठिकाने लगाने और उसे कैश कराने के लिए पेट्रो कार्ड उपलब्ध कराया था।पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बुधवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरबाज खान (22 वर्ष), निवासी अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था और ठगी की रकम को निकालने व ट्रांसफर करने में मदद करता था। इस मामले में गिरोह के दो अन्य सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 28 जून 2025 को सामने आया था। एक पीड़ित ने साइबर अपराध थाना पश्चिम गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे नगर निगम का बिल अपडेट कराने के नाम पर एक अज्ञात नंबर से एपीके फाइल का लिंक भेजा गया था। साइबर ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेकर लिंक पर क्लिक कराया।जैसे ही पीड़ित ने उस फर्जी लिंक को खोला, उसके मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी ठगों तक पहुंच गई। इसके बाद साइबर अपराधियों ने पीड़ित के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से 3 लाख 4 हजार 689 रुपये निकाल लिए।
पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम के इस्तेमाल से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए आरोपी अरबाज खान की पहचान की और उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद साइबर अपराध थाना पश्चिम गुरुग्राम की टीम ने राजस्थान के अलवर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने ठगी की रकम को निकालने और उसे अलग-अलग माध्यमों से इस्तेमाल करने के लिए पेट्रो कार्ड उपलब्ध कराया था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। नगर निगम, बिजली बिल, बैंक अपडेट या अन्य सरकारी सेवाओं के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें।फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।





