हरियाणा
ग्रीन क्रैकर्स ही जला सकेंगे लोग, हरियाणा में पटाखों को लेकर जारी हुई गाइडलाइन
Rajeshwari Nishad
7 Nov 2026 5:59 PM IST

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चंडीगढ़। दिवाली से पहले हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पटाखों को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आने वाले जिलों में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरे साल प्रतिबंध रहेगा। वहीं गैर-NCR जिलों में भी सामान्य पटाखों और पटाखों की लड़ियों पर रोक लगाई गई है। यहां केवल निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले ग्रीन पटाखों को ही सीमित समय के लिए जलाने की अनुमति होगी। दिवाली के अवसर पर ग्रीन पटाखे चलाने के लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
NCR के जिलों में सालभर रहेगा पटाखों पर प्रतिबंध
हरियाणा के NCR क्षेत्र में शामिल जिलों में पटाखों को लेकर सबसे सख्त नियम लागू हैं। यहां पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरे साल प्रतिबंध लगाया गया है।इस प्रतिबंध में ऑनलाइन माध्यम से पटाखों की डिलीवरी और बिक्री भी शामिल है। यानी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए पटाखे खरीदने और बेचने की अनुमति नहीं है।हरियाणा सरकार ने यह कदम बढ़ते वायु प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए उठाया है। सर्दियों के दौरान दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में पटाखों से निकलने वाला धुआं स्थिति को और गंभीर बना सकता है।सरकार के आदेश के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में ग्रीन पटाखों को भी NCR के जिलों में सालभर छूट नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के विशेष आदेश के तहत इस दिवाली सीमित समय के लिए राहत दी गई है।
दिवाली पर NCR में कब चला सकेंगे ग्रीन पटाखे?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इस साल NCR के जिलों में दिवाली के अवसर पर प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की सीमित अनुमति दी गई है।
हरियाणा के गुरुग्राम जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार:
- 7 नवंबर 2026: शाम 6 बजे से 7 बजे तक।
- 8 नवंबर 2026 (दिवाली): रात 8 बजे से 10 बजे तक।
- 9 नवंबर से: पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू होगा।
गैर-NCR जिलों में भी सामान्य पटाखों पर रोक
हरियाणा के गैर-NCR जिलों में भी पटाखों को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं। यहां सामान्य पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ग्रीन पटाखे ही इस्तेमाल किए जा सकते हैं।इसके अलावा जुड़े हुए पटाखों यानी सीरीज क्रैकर्स और लड़ियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। आतिशबाजी में बेरियम साल्ट और अन्य प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है।
पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी प्रतिबंध
सरकार ने पटाखों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री को लेकर भी सख्ती दिखाई है। फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों को हरियाणा के संबंधित क्षेत्रों में पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार करने और बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।इसके अलावा ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल अधिकृत कारोबारियों के माध्यम से की जा सकेगी। अधिकारियों को पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।बिना अनुमति पटाखों की बिक्री करने या प्रतिबंधित पटाखे रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संबंधित जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर नजर रखेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
आखिर क्यों लगाया गया है पटाखों पर प्रतिबंध?
पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ा सकता है। इसके अलावा कई पटाखों से जहरीले रासायनिक तत्व और धातु कण भी निकलते हैं।इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा तथा हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है।सर्दियों में हवा की गति कम होने और तापमान में बदलाव के कारण प्रदूषक कण लंबे समय तक वातावरण में बने रह सकते हैं। इसी वजह से दिवाली के आसपास पटाखों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने पर जोर दिया जा रहा है।
दिवाली पर पटाखे जलाने से पहले जान लें नियम
हरियाणा में पटाखों को लेकर इस बार NCR और गैर-NCR क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं। NCR में सामान्य तौर पर सालभर प्रतिबंध है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की विशेष अनुमति से 7 और 8 नवंबर को सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे चलाए जा सकते हैं। गैर-NCR क्षेत्रों में भी केवल निर्धारित समय पर ग्रीन पटाखों की अनुमति है।
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