
Haryana हरियाणा: हरियाणा में शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब गुरुग्राम बस डिपो से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई हरियाणा रोडवेज की बस के ब्रेक फेल हो गए। बस में करीब 70 यात्री सवार थे, लेकिन चालक की सूझबूझ और साहस के कारण सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई। घटना पानीपत के पास हुई, जहां अचानक बस के ब्रेक सिस्टम में खराबी आ गई।
जानकारी के अनुसार, बस शनिवार सुबह लगभग छह बजे गुरुग्राम रोडवेज डिपो से वाया केएमपी होते हुए चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान जैसे ही बस पानीपत क्षेत्र में पहुंची, अचानक उसका प्रेशर पाइप फट गया, जिसके कारण ब्रेक सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया। ब्रेक फेल होते ही बस अनियंत्रित हो गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक पवन कुमार ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बस की गति पर नियंत्रण नहीं हो पाया। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित रोकने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में उसे सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा दिया। इस फैसले ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और बस में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई।
टक्कर के बाद बस रुक गई और यात्रियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यात्रियों ने चालक की बहादुरी और त्वरित निर्णय की सराहना की, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बस के प्रेशर पाइप में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण ब्रेक सिस्टम फेल हुआ। संबंधित तकनीकी टीम को बस की जांच के लिए बुलाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी रखरखाव में लापरवाही के कारण हुई या यह अचानक हुई तकनीकी समस्या थी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और बसों की तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित जांच और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।
यात्रियों ने भी राहत की सांस ली और चालक पवन कुमार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर समय पर सही निर्णय नहीं लिया गया होता, तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।





