
पलवल: हरियाणा सरकार द्वारा घोषित नूंह–मिंडकोला मार्ग के फोरलेन निर्माण कार्य में देरी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है। किसानों का कहना है कि सरकार ने बजट तो जारी कर दिया, लेकिन अब तक केवल मरम्मत कार्य ही करवाया जा रहा है, जबकि फोरलेन निर्माण की घोषणा अधूरी पड़ी है।
संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी ने रविवार काे इस मुद्दे पर बैठक कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। बैठक में उपस्थित किसान नेताओं ने कहा कि यह सड़क पलवल को राजस्थान सीमा से जोड़ती है और दिल्ली–मुंबई कॉरिडोर से भी जुड़ी हुई है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
किसान नेता मास्टर बलवीर सिंह और मास्टर राजे सिंह चौहान ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व हरियाणा सरकार ने मूंढ–मिंडकोला मार्ग को फोरलेन करने की घोषणा की थी और इसके लिए बजट भी पास हुआ था। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल सतही मरम्मत की जा रही है, जिससे क्षेत्रवासियों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। यह सड़क न केवल दो जिलों पलवल और नूंह को जोड़ती है, बल्कि गुरुग्राम होते हुए राजस्थान तक जाती है। यही कारण है कि इस मार्ग का चौड़ीकरण आवश्यक है ताकि औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों को बेहतर संपर्क मिल सके।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द फोरलेन निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं करती तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी घोषणा पर अमल करते हुए शीघ्र कार्य प्रारंभ कराना चाहिए। इस बैठक में बलवीर सिंह, राजे सिंह चौहान, सुरेंद्र खुर्दिया, कृष्ण नंबरदार, किशन चंद शर्मा, सरपंच गहलोत और सतीश बघेल सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।





