हरियाणा
Nuh: दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर दो दिन में सात की मौत, हादसे बढ़े
Tara Tandi
27 April 2025 1:16 PM IST

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Nuh नूंह: देश के सबसे आधुनिक कहे जाने वाले दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते शनिवार को नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र स्थित इब्राहिम बास गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में छह महिलाओं सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे की टीस अभी थमी भी नहीं थी कि रविवार सुबह उसी स्थान पर एक और दुर्घटना ने सभी को झकझोर दिया।
-रविवार की सुबह हुआ कार एक्सीडेंट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार की सुबह एक कार अनियंत्रित होकर चलते ट्रोले में पीछे से जा भिड़ी। इस टक्कर में दो महिलाओं सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को कार से बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
-तेज गति से दौड़ते वाहन हैं हादसे का मुख्य कारण
स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर नियमों का पालन न होना, सड़क पर खड़े भारी वाहन और तेज गति से दौड़ते वाहन इन हादसों के मुख्य कारण बन रहे हैं। शनिवार को जहां तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क पर कार्य कर रहे सफाईकर्मियों को रौंद डाला था, वहीं रविवार को खड़े ट्रोले से टकराकर एक और हादसा हो गया, जिससे सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई।
पुलिस ने हादसों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया है कि तेज रफ्तार और ड्राइवर की असावधानी इन दुर्घटनाओं के पीछे संभावित कारण हो सकते हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे की निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन में भारी चूक के आरोप लगाए हैं।
-इन क्षेत्रों में बड़ी रहीं सड़क घटनाएं
फिरोजपुर झिरका और नगीना थाना क्षेत्रों में इन घटनाओं की आवृत्ति सबसे अधिक देखी गई है। लोगों का कहना है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क सुरक्षा एजेंसियां अपने दावों के बावजूद, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं को रोकने में नाकाम रही हैं। शनिवार को हुए भीषण हादसे के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाया जाना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।
-नागरिकों ने की कार्रवाई की माँग
जागरूक नागरिकों और वाहन चालकों ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) पर विशेष निगरानी की जाए।
दिल्ली-मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेसवे को देश का सबसे सुरक्षित और तेज मार्ग बताकर प्रचारित किया गया था, लेकिन नूंह जिले में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने इस छवि पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सक्रिय नहीं हुईं, तो यह एक्सप्रेसवे यात्रियों के लिए मौत का फंदा बन सकता है। स्थानीय जनता अब ठोस और स्थायी समाधान की मांग कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
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